खनन घोटाले में इस IAS अफसर के घर CBI ने मारा छापा, बरामद किए 47 लाख

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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 503 शब्द|📅 10 Jul 2019

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित खनन घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को छापेमारी की. ये छापे बुलंदशहर के जिलाधिकारी अभय कुमार सिंह के निवास पर मारे गए हैं. खनन मामले में अभय कुमार सिंह भी रडार पर थे, ऐसे में सीबीआई ने अब कार्रवाई की है. बता दें कि ये मामला तबका है जब राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और अखिलेश यादव राज्य के मुख्यमंत्री थे।

बुधवार को सीबीआई ने बुलंदशहर, लखनऊ, फतेहपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद, नोएडा, गोरखपुर, देवरिया में छापेमारी की. इस दौरान सीबीआई ने बुलंदशहर के डीएम अभय सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. उनके अलावा देवरिया के डीएम विवेक के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है।

अभय सिंह के आवास से 47 लाख रुपये की रिकवरी हुई है तो वहीं देवरिया के एडीएम देवीशरण उपाध्याय के घर से 10 लाख रुपये रिकवर हुए हैं. जिसके चलते सीबीआई टीम ने अब नोट गिनने की मशीन भी मंगाई थी. सीबीआई की टीम बुलंदशहर के डीएम के घर पूरी तैयारी के साथ छापा मारने गई थी. इस दौरान 4 गाड़ियां वहां पहुंची थी, जिनमें से दो गाड़ियां जरूरी दस्तावेज़ को अपने साथ ले गई है. अभी भी दो गाड़ियां घर में हैं और पूछताछ जारी है।

अवैध खनन का मामला 2012 से 2016 के बीच का है

अवैध खनन का मामला 2012 से 2016 के बीच का है, इस वक्त राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी. तब खनन मंत्रालय का जिम्मा खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही संभाल रहे थे. ऐसे में उनपर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं. अभय सिंह, सितंबर 2013 से लेकर जून 2014 तक फतेहपुर के डीएम रह चुके हैं. अभय कुमार सिंह 2007 बैच के यूपी कैडर के IAS अधिकारी हैं. वह बुलंदशहर के अलावा फतेहपुर, रायबरेली और बहराइच के भी डीएम रह चुके हैं।

सूत्रों की मानें तो 2012 और 2016 के बीच कुल 22 टेंडर पास किए गए थे, जो विवाद में आए. इन 22 में से 14 टेंडर तब पास किए गए थे, जब खनन मंत्रालय अखिलेश यादव के पास ही था. बाकी के मामले गायत्री प्रजापति के कार्यकाल के हैं। अब एजेंसियों का मानना है कि अखिलेश यादव और गायत्री प्रजापति के अप्रूवल के बाद ही इन्हें लीज पर दिया गया था. क्योंकि 5 लाख से ऊपर का कोई भी मसला हो, उसके लिए मुख्यमंत्री की इजाजत जरूरी है. इससे पहले जून में इसी मामले में सीबीआई ने गायत्री प्रजापति के घर पर भी छानबीन की थी।

इस मामले में सीबीआई काफी एक्टिव है और देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी कर चुकी है. जिसमें गायत्री प्रजापति के अलावा IAS अधिकारी बीएस चंद्रकला के घर पर भी छापे पड़े थे. बीएस चंद्रकला बिजनौर और मेरठ की डीएम भी रह चुकी हैं. गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है. हाई कोर्ट ने जनहित याचिकाओं के दाखिल होने के बाद इस मामले में जांच का आदेश दिया था।

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