डेली संवाद, जालंधर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्रपति आदेश द्वारा जम्मू-कश्मीर से अस्थायी अनुच्छेद 370 को हटाने के ऐतिहासिक कदम का हार्दिक स्वागत करती है। भारत की एकता और अखंडता को स्थापित करने में महत्वपूर्ण हस्ताक्षर स्वर्गीय श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर को तथा भारत राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर शहीद सैनिकों को यह महत्वपूर्ण कदम वास्तविक श्रद्धांजलि है।
जिस प्रकार महान नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश में दो निशान और दो विधान का विरोध करते हुए, जम्मू-कश्मीर के वास्तविक विलय की वकालत करते हुए अपने प्राणों को भारत माता की अखंडता को बनाए रखने के प्रयासों में अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था, आज यह उनके सपनों को जमीनी हकीकत देने जैसा है।
पिछड़े वर्ग तथा अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ मिल पाएगा
इस कदम से जम्मू कश्मीर के अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े वर्ग तथा अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ मिल पाएगा, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के सुअवसर प्राप्त होंगे तथा लंबे समय से दुर्लक्षित लद्दाख क्षेत्र एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में विकास के नए आयामों को छू सकेगा। साथ ही अपने ही देश में शरणार्थी का जीवन जीने के लिए मजबूर कश्मीरी पंडितों को भी अब न्याय की आस जगी है तथा अपने जीवनकाल में अपने गाँव देश, घर का मुख देख पाने का अवसर मिल पाएगा ऐसा विश्वास जगा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, 11 सितम्बर 1990 में “चलो कश्मीर” आन्दोलन जिसमे हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया एवं लगातार धारा 370 तथा 35A को हटाने के लिए आंदोलन कर रही है, यह कदम लाखों विद्यार्थियों के उस आंदोलन की जीत है।
अनुच्छेद 370 हटाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जालंधर की दयानंद आयुर्वेदिक महाविद्यालय इकाई द्वारा इस घोषणा के अवसर पर विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को मिठाई खिलाकर और पठाखे चलाकर जश्न मनाते हुए इस प्रस्ताव का स्वागत किया। जालंधर महानगर मंत्री साहिल राणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस विषय की जानकारी सभी के बीच रखी।
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