सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- राम जन्मभूमि न्यास को विवादित जमीन सौंपी, राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ

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⏱️ 5 मिनट पढ़ने का समय|📝 590 शब्द|📅 09 Nov 2019

डेली संवाद, नई दिल्ली
अयोध्या मामले में शिया सुन्नी वक्फ बोर्ड की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। चीफ जास्टिस ने कहा कि 1949 में दो मूर्तियां रखी गई थीं। मुस्लिम के पास जमीन का विशेष कब्जा नहीं है। 18वीं सदी में नमाज के कोई सबूत नहीं है। हिन्दू सीता रसोई में पूजा करते थे। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- राम जन्मभूमि न्यास को विवादित जमीन दिया, राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बाबरी मस्जिद खाली स्थान पर नहीं बनी थी। दूसरी तरफ निर्मोही अखाड़े की याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खुदाई में मिला ढांचा इस्लामिक नहीं था। एएसआई की रिपोर्ट को खारिज नहीं की जा सकती है।

मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए वैकल्पिक स्थान पर प्लॉट दिया जाय

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए वैकल्पिक स्थान पर प्लॉट दिया जाय। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबूत है कि बाहरी स्थान पर हिन्दुओं का कब्जा था, इस पर मुस्लिम का कब्जा नहीं था। लेकिन मुस्लिम अंदरूनी भाग में नमाज़ भी करते रहे।

बाबर ने मस्जिद ने बनाई थी लेकिन वे कोई सबूत नहीं दे सके कि इस पर उनका कब्जा था और नमाज़ की जाती थी। जबकि यात्रियों के विवरण से पर चलता है कि हिन्दू यहां पूजा करते थे। 1857 में रेलिंग लगने के बाद सुन्नी बोर्ड यह नहीं बता सका कि ये मस्जिद समर्पित थी। 16 दिसंबर 1949 को आखिरी नमाज की गई।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबूत है कि बाहरी स्थान पर हिन्दुओं का कब्जा था

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘हाईकोर्ट का यह कहा कि दोनों पक्षों का कब्जा था’ गलत है उसके सामने बंटवारे का मुकदमा नहीं था। मुस्लिम ये नहीं बता सके कि अंदरुनी भाग में उनका एक्सक्लूसिव कब्जा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबूत है कि बाहरी स्थान पर हिन्दुओं का कब्जा था, इस पर मुस्लिम का कब्जा नहीं था। लेकिन मुस्लिम अंदरूनी भाग में नमाज़ भी करते रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यात्रियों के विवरण को सावधानी से देखने की जरूरत है। वहीं गजट ने इसके सबूतों की पुष्टि की है। हालांकि मालिकाना हक आस्था के आधार पर नहीं तय किया जा सकता। अयोध्या मामेल पर बोला सुप्रीम कोर्ट: हिन्दुओं की आस्था और विश्वास है कि भगवान राम का जन्म गुंबद के नीचे हुए था।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- राम जन्मभूमि न्यास को विवादित जमीन सौंपी, राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ

ASI की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष आया था कि यहां मंदिर था

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट बोला- ASI की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष आया था कि यहां मंदिर था, इसके होने के सबूत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्थल पर ईदगाह का मामला उठाना आफ्टर थॉट है जो मुस्लिम पक्ष द्वारा ए एस आई की रिपोर्ट के बाद उठाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राम जन्मस्थान पर एएसआई की रिपोर्ट मान्य है। न्यायालय अब पूजा के अधिकार के लिये गोपाल सिंह विशारद के दावे पर फैसला सुना रहा है। न्यायालय ने कहा कि निर्मोही अखाड़े की याचिका कानूनी समय सीमा के दायरे में नहीं, न ही वह रखरखाव या राम लला के उपासक।

न्यायालय ने कहा कि राजस्व रिकार्ड के अनुसार विवादित भूमि सरकारी है। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला पढ़ा जा रहा है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम संतुलन पर चलेंगे। किसी के पक्ष में नहीं जाएंगे। शिया वक्फ बोर्ड का दावा एकमत से खारिज, सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा, ‘हमने 1946 के फैजाबाद कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली शिया वक्फ बोर्ड की सिंगल लीव पिटिशन (SLP) को खारिज करते हैं।

















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