योगी सरकार किसानों के लिए हर गांव में खोलेगी कृषक उत्पादक संगठन, कृषि क्षेत्र में आएगा व्यापक बदलाव

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रगतिशील किसानों के सम्मेलन को संबोधित किया, कहा – हर ग्राम पंचायत में खुलेंगे एफपीओ

डेली संवाद, लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा लक्ष्य सभी ग्राम पंचायतों में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) खोलने का है। पहले चरण में प्रदेश के सभी ब्लाकों, दूसरे चरण में न्याय पंचायतों और तीसरे चरण में सभी ग्राम पंचायतों में एफपीओ खोले जाएंगे। अब तक 336 एफपीओ खोले जा चुके हैं। इनके जरिए कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां लोकभवन के सभागार में प्रगतिशील किसानों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले भी सब कुछ था, पर पिछली सरकारों की उदासीनता के कारण किसान बदहाल थे। किसान खुदकुशी कर रहे थे। खेती से किनारा कर रहे थे। दो साल में हम काफी हद तक बदलाव लाने में सफल रहे।

किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में हमने लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया। बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत आलू किसानों को राहत दी। रिकॉर्ड मात्रा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान, गेहूं की खरीद कर 72 घंटे के भीतर किसानों के खाते में पैसा भेजा गया। किसान मानधन योजना के तहत अब तक करीब 1.83 करोड़ किसानों के खाते में 11594.18 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।

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वो मिलें बंद कर रहे थे हमने नई चलाई

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में गन्ना किसानों का भुगतान रुका था। मिलें बंद हो रहीं थीं और बेची जा रही थीं। हमने रिकॉर्ड 82 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया। नई मिलें खोलीं। आज 116 की बजाय प्रदेश में 121 चीनी मिलें चल रही हैं। पुरानी मिलों का आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार हो रहा है। मिल मालिकों को साफ निर्देश है कि जब तक किसान के खेत में गन्ना है तब मिलें चलनी चाहिए। यही वजह है कि पिछले पेराई सत्र में मध्य जून तक मिलें चलीं।

आय बढ़ाने के लिए न्यूनतम लागत में अधिकतम उत्पादन पर जोर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसानों की आय बढ़े इसके लिए न्यूनतम लागत में अधिकतम उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। इसीलिए सिंचाई की दक्ष विधाओं ड्रिप और स्प्रिंकलर को अनुदान पर मिलने वाली बोरिंग योजनाओं के साथ अनिवार्य किया जा रहा है। समय पर कृषि निवेश उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों के जरिये किसानों को खेती-बारी के अद्यतन तौर-तरीके से अवगत कराया जा रहा है। इस सबके नतीजे सामने हैं।

दुनिया को अपने कृषि उत्पादों का बाजार बना सकता है यूपी : लोकसभा अध्यक्ष

बतौर मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आबादी के लिहाज से देश ही नहीं, दुनिया के इस सबसे बड़े सूबे में कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां के गंगा के मैदानी क्षेत्रों की भूमि सर्वाधिक उर्वर है। प्रचुर मात्रा में पानी, मानव संसाधन और वैविध्यपूर्ण जलवायु इन संभावनाओं को और बढ़ा देती हैं।

उन्होंने कहा कि इन सारी चीजों से प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदली जा सकती है। जरूरत एक काबिल नेतृत्व की थी। उत्तर प्रदेश को योगी जैसा काबिल नेतृत्व मिला तो यह भी बदल गई। बदलाव का यह दौर जारी रहे इसके लिए परंपरागत खेती के बजाय कृषि विविधिकरण को प्रोत्साहित करना होगा। अगर अपने उत्पादों को सरकार बाजार की मांग के अनुसार प्रसंस्कृत करा ले गई, तो पूरी दुनिया उप्र के कृषि उत्पादों की बाजार होगी।

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मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की

अतिथियों का स्वागत करते हुए कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने किसानों के हित के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की। शाही ने कहा कि इसी प्रतिबद्धता का नतीजा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान और गेंहू की रिकॉर्ड खरीद हुई। गन्ने का रिकॉर्ड भुगतान हुआ। दो साल से लगातार प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में पूरे देश में नंबर एक बना हुआ है। प्रदेश की कृषि विकास दर 11.5 फीसद की रिकॉर्ड दर पर है।

छह नई परियोजनाओं का शिलान्यास

इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने अमरोहा के कृषि विज्ञान केंद्र और हरदोई एवं बाराबंकी के पांच किसान कल्याण केंद्रों का भी शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सरकार के मंत्री सुरेश राणा, लाखन सिंह राजपूत, सांसद कौशल किशोर, हरीश द्विवेदी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रदेश भर से आये प्रगतिशील किसान भी मौजूद थे।

सम्मानित होने वाले किसान

इस मौके पर अतिथियों द्वारा प्रगतिशील किसान ममता वाजपेयी, नम्रता पांडेय, अभिषेक पांडेय, राजेश साहू, राजकुमार राय, राजेश पाठक, राजप्रताप, विकास पुरी, वेदव्यास सिंह, अरुण कुमार और रामबहोरे पाठक को एफपीओ के स्वीकृतिपत्र का डमी चेक दिया गया। साथ ही सम्राट सिंह, मनोज कुमार, सुबोध कांत मिश्रा, शशिकांत पांडेय, डॉ. कामिनी सिंह, हेमंत द्विवेदी, कैलाश कुमार, बलराज सिंह और राजराम द्विवेदी को फार्म मशीनरी बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत ट्रैक्टर की चॉबी भी सौंपी गई।



















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