निजीकरण के विरोध में हड़ताल, यूपी में बत्ती गुल, बिजली-पानी के लिए मचा हाहाकार

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 512 शब्द|📅 06 Oct 2020

निजीकरण के विरोध में हड़ताल, यूपी में बत्ती गुल, बिजली-पानी के लिए मचा हाहाकार

डेली संवाद, लखनऊ
निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान फॉल्ट की मरम्मत सहित उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े कामकाज प्रभावित (power cut in uttar pradesh) रहे। यहां तक कि ऊर्जा मंत्री के आवास सहित कई इलाकों में बिजली संकट रहा। इस बीच ऊर्जा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने बिजली सप्लाई बहाल रखने के लिए पुलिस के पहरे के साथ कई वैकल्पिक इंतजाम किए, लेकिन फॉल्ट के आगे सभी फेल हो गए। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी किसी भी समय अनिश्चितकालीन हड़ताल (up power strike) और जेल भरो आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

लखनऊ के गोमतीनगर से आने वाली 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन से कूपर रोड उपकेंद्र की सप्लाई बंद हो गई। उपकेंद्र से संचालित कालिदास मार्ग, गौतम पल्ली, 28-पार्क रोड सहित मुख्यमंत्री आवास के आसपास के इलाके में सुबह 11:40 से दोपहर 1:10 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रही। इससे ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सहित कई वीवीआईपी आवासों पर करीब 1:30 घंटे बत्ती गुल रही। सूचना पर पहुंचे निदेशक तकनीक ने शटडाउन लेकर दूसरे सोर्स से आपूर्ति बहाल करवाई।

शिकायतों से पटा ट्विटर, कई जगह 24 घंटे से बिजली गुल

यह तो सिर्फ एक बानगी है। सोशल मीडिया और खासकर ट्विटर बिजली कटौती की शिकायतों से भरा पड़ा है। मगर ऊर्जा मंत्री से लेकर, अधिकारियों और सांसद-विधायकों के पास इन शिकायतों का कोई जवाब नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया तक बिजली कटौती से हाहाकार मचा है। कई जगह बिजली कटौती के 20-24 घंटे बीत गए हैं, मगर कोई सुध लेने वाला नहीं है।

कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में निकाला कैंडल मार्च

निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों ने शक्तिभवन से जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा स्थल तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान संगठन के कार्यवाहक अध्यक्ष छोटे लाल दीक्षित ने कहा कि प्रबंधन को निजीकरण का अड़ियल रवैया छोड़कर व्यवस्था सुधारने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा संविदा बिजलीकर्मियों ने विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक को ज्ञापन देकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। इस दौरान यूपी पावर एवं निविदा संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र पांडेय ने मांग उठाई कि संविदाकर्मियों को मस्टररोल के तहत सीधे विभाग से वेतन भुगतान किया जाए। इसके अलावा ईपीएफ, ईएसआई के नाम पर बीते 19 साल में हुए घोटाले की जांच करवाई जाए।

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से निपटने के लिए अफसर अलर्ट

बिजली कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल को लेकर पुलिस और प्रशासन के अफसरों को अलर्ट कर दिया गया है। इस दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए शासन ने विशेष सचिव सत्य प्रकाश उपाध्याय को कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके अलावा जिलों के अफसर हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखे हुए हैं। प्रदेश के सभी जिलों में बिजली कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार पर हैं। विद्युत व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिए शासन ने मंडलायुक्त, जिलों के डीएम और पुलिस अफसरों को अलर्ट कर दिया है। कर्मचारियों के विरुद्ध उत्पीड़न की कार्रवाई से बचने की सलाह दी गई है। वहीं इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी किसी भी समय अनिश्चितकालीन हड़ताल और जेल भरो आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *