आढ़तियों से इस्तेमाल किए जा चुके अच्छी गुणवत्ता वाले बारदाने का प्रबंध किये जाने की मंजूरी : कैप्टन अमरिन्दर सिंह

Daily Samvad
6 Min Read
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 6 मिनट पढ़ने का समय|📝 752 शब्द|📅 18 Apr 2021

amrinder singh

डेली संवाद, चंडीगढ़
वर्ष 2021-22 के रबी के चल रहे मंडीकरण सीजन दौरान गेहूँ की निर्विघ्न खरीद को यकीनी बनाने के लिए पंजाब सरकार ने आढ़तियों द्वारा मुहैया करवाए गए अच्छे हालत वाले इस्तेमाल किए हुए बारदाने में गेहूँ की भराई करने की मंजूरी दे दी है। पंजाब की किसी भी मंडी में बारदाने की कमी न होने को यकीनी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। यहाँ यह भी बताने योग्य है कि मंडियों में गेहूँ की आमद बढ़कर रोज़ाना 8 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गई है और ख़रीदे हुए गेहूँ के भंडारण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नये बारदाने और पी.पी. बैग की कमी है।

पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने विस्तार में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने सीनियर अधिकारियों के साथ गेहूँ की खरीद की प्रगति का जायज़ा लिया। सरहदी जिलों अमृतसर, गुरदासपुर, तरन तारन और फ़िरोज़पुर में खरीद की गति के धीमा होने के मुद्दे पर यह स्पष्ट किया गया कि इन इलाकों में गेहूँ के दाने सिकुड़ गए हैं जिस कारण इनकी खरीद से पहले भारत सरकार से खरीद संबंधी मापदण्डों में ढील देने की ज़रूरत है।

टूटे हुए दानों की मात्रा 11 प्रतिशत तक पाई गई

पंजाब सरकार ने 16 अप्रैल को भारत सरकार को पहले ही लिख दिया था कि अमृतसर, तरन तारन और फाजिल्का जिलों में 11 प्रतिशत तक सिकुड़े और टूटे हुए और 10 प्रतिशत तक बदरंगा हुए गेहूँ के दानों संबंधी बिना किसी कीमत कटौती के एकसमान मापदण्डों में तुरंत ढील दी जाये। हालाँकि, भारत सरकार की तरफ से इस संबंधी जवाब अभी आना बाकी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने खाद्य एवं सिविल सप्लाईज़ मंत्री और प्रमुख सचिव, खाद्य एवं सिविल सप्लाईज़ को यह मामला तुरंत सुलझाने के लिए भारत सरकार के अपने हमरुतबा व्यक्तियों के साथ बातचीत करने के लिए कहा है।

बताने योग्य है कि ज़िला अमृतसर (राजस्व ज़िला अमृतसर और तरन तारन) में एफ.सी.आई. और राज्य की खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूँ के नमूनों का साझे रूप में अध्ययन किये जाने के बाद यह सामने आया कि इन जिलों की कुछ मंडियों में बदरंगा हुए दानों की मात्रा 5 प्रतिशत और सिकुड़े और टूटे हुए दानों की मात्रा 11 प्रतिशत तक पाई गई है जो कि निर्धारित सीमा से ज़्यादा है। इसी तरह फाजिल्का के मामले में भी सिकुड़े और टूटे हुए दानों की मात्रा 9.9 प्रतिशत तक पाई गई जोकि निर्धारित सीमा 6 प्रतिशत से अधिक है।

बिना किसी दिक्कत के खरीददारी

मीडिया के एक हिस्से में प्रसारित हुई रिपोर्टों कि एफ.सी.आई. द्वारा बठिंडा और मानसा जिलों में गेहूँ की एच.डी.-2957 किस्म खरीदने से इन्कार किया जा रहा है, संबंधी गलत धारणाओं को दूर करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि ने स्पष्ट किया कि एच.डी.-2967 पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) द्वारा स्वीकृत किस्म है। इस कारण किसी भी खरीद एजेंसी द्वारा इस किस्म की खरीद न किये जाने का कोई भी कारण नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने एफ.सी.आई. के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बारे में लोगों की शंकाओं को दूर किया जाए और गेहूँ की इस किस्म को बिना किसी दिक्कत के खरीदा जाये।

मुख्य सचिव विनी महाजन ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि कोविड महामारी के मद्देनज़र मंडियों में सुरक्षा नियमों का सख्ती के साथ पालन यकीनी बनाने के लिए पुख़्ता इंतज़ाम किये गए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों, आढ़तियों, मज़दूरों के टीकाकरण की सुविधा के लिए मंडियों में विशेष टीकाकरण कैंप लगाए जा रहे हैं।

किसानों को अदायगी शुरू हो चुकी है

खाद्य एवं सिविल सप्लाईज़ विभाग के प्रमुख सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने बताया कि 17 अप्रैल तक राज्य की मंडियों में 38.95 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की आमद हुई है जिसमें से अब तक 34.40 लाख मीट्रिक टन गेहूँ न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से ख़रीदा जा चुका है। उन्होने आगे बताया कि 72 घंटों के निर्धारित समय में 85 प्रतिशत गेहूँ की लिफ्टिंग की जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को अदायगी शुरू हो चुकी है और सोमवार से बैंक खुलने के बाद इसमें और तेज़ी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने फिर दोहराते हुए कहा कि किसानों की भलाई उनकी मुख्य प्राथमिकता है और मंडियों में किसानों की फ़सल की निर्विघ्न खरीद की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य की खरीद एजेंसियों के मैनेजिंग डायरेक्टरों को राज्य में मंडियों का दौरा करने के हुक्म देते हुए कहा कि यदि किसी भी किसान की शिकायत ध्यान में आती है तो उसे पहल के आधार पर सुलझाया जाये। मीटिंग में मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि, खाद्य एवं सिविल सप्लाईज़ के प्रमुख सचिव और डायरैक्टर ने शिरकत की

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *