तालिबानी फरमान: इंटरनेट पर पाबंदी, टीवी पर महिला एंकर्स पर लगाया प्रतिबंध

Daily Samvad
3 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 418 शब्द|📅 29 Aug 2021

internet

नई दिल्ली। अफगानिस्तान (Afghanistan) के कुल 34 प्रान्तों में से पंजशीर (Panjshir) अकेला ऐसा प्रान्त है जो अब तक तालिबानी आतंकियों के कब्जे से बाहर है. वहां तालिबानियों की नहीं, बल्कि आज भी राष्ट्र प्रेमी अफगानियों की हुकूमत चल रही है. लेकिन बौखलाए तालिबान (Taliban) ने शुक्रवार शाम से पंजशीर प्रान्त में इंटरनेट, कॉल और मैसेज सर्विस बंद कर दी है।

अफगान रेजिस्टेंस फोर्स के प्रमुख अहमद मसूद जूनियर के प्रवक्ता फहीम दश्ती ने मीडिया के साथ इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि कल शाम से पूरे पंजशीर में टेलीकॉम सर्विस ठप कर दी गई है. मोबाइल इंटरनेट के अलावा कॉल और मैसेज की सुविधाओं को भी बंद कर दिया गया है. तालिबान का यह कदम पंजशीर की आम जनता के खिलाफ है।

पंजशीर से तालिबान को डर लगता है

पंजशीर तालिबान के खिलाफ अफगान रेजिस्टेंस फोर्स का गढ़ है, जिसकी कमान पंजशीर में रहकर इस समय शेर-ए-पंजशीर के बेटे अहमद मसूद जूनियर (Ahmad Massoud Jr.) संभाल रहें हैं. पंजशीर में इस समय कई बड़े तालिबान की खिलाफत करने वाले पूर्व सैन्य कमांडर मौजूद हैं जो देश छोड़कर नहीं गए हैं।

इनमें अफगानिस्तान के कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह (Amrullah Saleh), अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री बिस्मिल्लाह खान मोहम्मदी (Bismillah Khan Mohammadi) जैसे बड़े नाम मौजूद हैं. यह लोग अफगानिस्तान को इस आतंक के कब्जे से छुड़ाने के लिए योजना बना रहे हैं।

कब्जे की सारी कोशिशें नाकाम

इससे पहले तालिबान ने 23 अगस्त को पंजशीर पर कब्जा करने के लिए 3 हजार तालिबानी लड़ाकों को पंजशीर की सीमा पर भेजा था. लेकिन बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण तालिबानी लड़ाकों ने अभी पंजशीर पर हमला तो नहीं किया. लेकिन दावा किया कि तालिबान पंजशीर पर कब्जा शांति के मार्ग और बातचीत से करना चाहता है. अब आशंका जताई जा रही है कि तालिबान पंजशीर पर कब्जा करने के लिए कभी भी हिंसक रूप अपना सकता है।

महिलाओं पर लगे कड़े प्रतिबंध

गौरतलब है कि तालिबान के कार्यवाहक उच्च शिक्षा मंत्री अब्दुल बकी हक्कानी ने घोषणा की है कि लड़कियां और लड़के अब अफगानिस्तान की यूनिवर्सिटीज में एक साथ नहीं पढ़ सकेंगे. अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद आतंकियों ने को-एडुकेशनल (Co-Educational) सिस्टम को बैन कर दिया है. लड़कियां इस्लामिक कानून के मुताबिक अलग-अलग क्लासेस में पढ़ाई करती रहेंगी. बताते चलें कि कंधार के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने कल अपने एक आदेश में कंधार में रेडियो और टीवी स्टेशन पर संगीत और महिलाओं की आवाज के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इस VIDEO के बाद किसानों के सिर फोड़े गए, देखें SDM का VIRAL वीडियो

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *