करप्शन के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई, 8 दागी अफसर बर्खास्त, बड़े अधिकारी भी शामिल

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 464 शब्द|📅 29 Oct 2021

suspended

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने और आठ दागी कर्मचारियों को गुरुवार को बर्खास्त कर दिया। इन सभी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार बर्खास्त होने वालों में रुसा के मिशन डायरेक्टर रवींद्र कुमार भट भी शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न विभागों में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार किया। उनके खिलाफ तत्कालीन विजिलेंस विभाग (अब एसीबी) ने 2015 में मुकदमा दर्ज किया था।

बडगाम में असिस्टेंट कमिश्नर रेवेन्यू रहने के दौरान रोशनी योजना के तहत उन्होंने अनियमित तरीके से सरकारी जमीन हस्तांतरित कर दी। कपटपूर्ण तरीके से मार्केट रेट से काफी कम कीमत जमीन की तय की। अनधिकृत तरीके से आवासीय से कृषि भूमि के रूप में वर्गीकरण को परिवर्तित किया।

इस प्रकार सरकार को भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। अधिकारी के खिलाफ अक्तूबर 2019 में अभियोजना कार्रवाई की संस्तुति की गई। ग्रामीण विकास विभाग में निदेशक पद पर तैनाती के दौरान भी उन्होंने भ्रष्टाचार करते हुए बिना टेंडर प्रक्रिया के भारी मात्रा में खरीद की। एसीबी की संयुक्त टीम ने आकस्मिक जांच में इस गड़बड़ी को पकड़ा। अधिकारी के खिलाफ वित्तीय जिम्मेदारी के निर्वहन में भी गड़़बड़ी की शिकायतें रहीं।

घटिया सामग्री ऊंचे दामों पर खरीदी

सर्वे एवं लैंड रिकार्ड्स श्रीनगर के क्षेत्रीय निदेशक व जेकेएस अधिकारी मोहम्मद कासिम वानी को भी बर्खास्त किया गया है। कुपवाड़ा में आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने घटिया सामग्री ऊंचे दामों पर खरीदी। इस मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। 2020 में सरकार ने अभियोजन की संस्तुति की और एसीबी ने उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। वानी ने अपनी पत्नी के नाम पर काफी संपत्ति खरीद रखी है।

एआरआई एंड ट्रेनिंग विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी नूर आलम को भ्रष्टाचार मामले की जांच के बाद कार्रवाई की गई। सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए उसने संपत्ति बनाई। 2019 में उसके खिलाफ एसीबी ने मुकदमा दर्ज करते हुए चार संपत्तियां अटैच कीं। इसमें जम्मू में एक मकान, अलग-अलग स्थानों पर 10 मरला जमीन, तीन कनाल जमीन और 10 मरला जमीन को भी अटैच किया। इन संपत्तियों के अलावा उसने अपनी पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों के नाम कई संपत्तियां बनाई। व्यावसायिक वाहनों समेत कई वाहन भी खरीदे।

अस्तित्व में थी ही नहीं समिति, दे दिया 223 करोड़ का ऋण 

केएएस अफसर मोहम्मद मुजीब-उर-रहमान घासी को सहकारिता विभाग में तैनाती के दौरान 223 करोड़ का ऋण अस्तित्व में न रहने वाले सहकारिता समिति को देने के आरोप में बर्खास्त किया गया। वह वर्तमान में निलंबित चल रहे थे। सूत्रों के अनुसार सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई है।

जालंधर में Leaf Consultancy ने छात्रों से की ठगी, 5.75 लाख रुपए लेकर फर्जी वीजा दिया, पैसा वापस मांगने पर दफ्तर में छात्र को पीटा, पिता की दाढ़ी नोची, SSP हरप्रीत के नाम पर धमकी दी

https://youtu.be/Udty5hq-IMc

















TAGGED:
Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *