डेली संवाद, श्रावस्ती
प्रदेश में सबसे कम साक्षरता वाले जिले श्रावस्ती से सोमवार को स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें इस अभियान से प्रत्येक बच्चे को जोड़ना होगा। स्कूल जाने से कोई भी बच्चा छूटने न पाए, समाज को संकल्प लेना होगा।
इसके लिए बेसिक शिक्षा के स्कूलों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, जनप्रतिनिधि घर-घर जाकर दस्तक दें। पूछें कि उस घर का कोई बच्चा स्कूल जाने से वंचित तो नहीं रह गया। ऐसा मिलने पर बच्चे का नजदीक के स्कूल में नामांकन कराएं, शासन की सुविधाओं का लाभ दिलाने का पवित्र कार्य करें। किसी को ज्ञानवान बना देना जीवन का सबसे पवित्र कार्य है।
बेसिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दें
सीएम योगी ने कहा कि हर बच्चे को शिक्षित करना न केवल हमारा नैतिक दायित्व है बल्कि यह राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन का कारक है। शिक्षा से व्यक्ति सक्षम होगा तो समाज सक्षम और राष्ट्र सशक्त होगा। इसके लिए जरूरी है कि हम बेसिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।
स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बेसिक शिक्षा को लेकर तुलनात्मक तथ्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2017 में बेसिक शिक्षा के स्कूलों में 1 करोड़ 34 लाख बच्चे थे। विद्यालयों के भवन जर्जर थे। जमीन पर पीपल, बरगद भले न लग पाते हों लेकिन विद्यालयों के भवनों पर जरूर उगे रहते थे। टॉयलेट व पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता नदारद थी। आने-जाने का कोई समय नहीं था। अराजकता और अव्यवस्था का बोलबाला था। विद्यालयों में नामांकन से अधिक संख्या छोड़ने वालों की थी।
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सीएम ने बताया कि 2017 के बाद 3 साल में ही स्थितियों में आमूलचूल बदलाव हुआ है। स्कूल चलो अभियान, विद्यालयों के कायाकल्प और शासन की शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता से तीन साल में 1 करोड़ 80 लाख बच्चों का नामांकन हुआ है। अब इस संख्या को दो करोड़ से पहुंचाना है। सरकार हरेक बच्चे की शिक्षा के साथ उसके बैग, यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, सर्दी में स्वेटर के लिए अभिभावकों के खातों में धनराशि भेज रही है। इन सबके परिणाम से शिक्षा की आधारशिला मजबूत हुई है।
1.34 लाख विद्यालयों का कायाकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 1.58 लाख परिषदीय स्कूल हैं। 2017 के बाद शुरुआती तीन साल में ऑपरेशन कायाकल्प चलाकर 90 हजार से अधिक विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाओं से आच्छादित कर दिया गया। अब यह संख्या बढ़कर 1.34 लाख हो गई है।
ऑपरेशन कायाकल्प में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व पुरातन छात्रों ने भी विद्यालयों को गोद लेकर, वहां के लिए संसाधन की व्यवस्था कर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उन्होंने अपनी विधायक निधि से परिषदीय स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था कराई।
अपना दीपक स्वयं बनना होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आकांक्षात्मक जनपद श्रावस्ती से स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ एक अलग संदेश भी देता है। यह जनपद भगवान बुद्ध से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण स्थान है। तथागत बुद्ध ने अपने जीवन में सर्वाधिक चातुर्मास यही व्यतीत किए। उन्होंने “अप्प दीपो भव” अर्थात अपना दीपक सेन बना का मंत्र दिया था। बुद्ध का यह संदेश सदैव प्रासंगिक है।
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