इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में साजिश, धांधली और सस्पैंशन PART-1: रिकार्ड कीपर का सनसनीखेज खुलासा, दफ्तर से कोई भी फाइल नहीं हुई गायब, पुलिस कमिश्नर को लिखी चिट्ठी, डेली संवाद पर पढ़ें

Daily Samvad
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डेली संवाद, जालंधर
जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में साजिश, धांधली और सस्पैंशन के खेल में डेली संवाद सबसे बड़ा पर्दा उठाने जा रहा है। या यूं कहे कि डेली संवाद इस पूरे साजिश का भंडाफोड़ करने जा रहा है। डेली संवाद के पास तमाम सारे दस्तावेज और ऐसे तथ्य हैं, जिससे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को डुबोने से लेकर फर्जी तरीके से राजनीतिक लोगों को फंसाने की साजिश बेनकाब होगी।

डेली संवाद आज अपने पहली खबर में एक ऐसी चिट्ठी का जिक्र करने जा रहा है, जो इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में रची गई बड़ी साजिश का भंडाफोड़ करेगी। यह चिट्ठी किसी और ने नहीं, बल्कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के क्लर्क ने पुलिस कमिश्नर को लिखी है। यह वही क्लर्क है, जिसके पास इंप्रूवमेंट ट्रस्ट का सबसे बड़ा काम यानि दस्तावेजों को संभाल कर रखने का है।

रिकार्ड कीपर ने सनसनीखेज खुलासा किया

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के रिकार्ड कीपर ने सनसनीखेज खुलासा किया है किया है। रिकार्ड कीपर क्लर्क कपिल स्याल ने पुलिस कमिश्नर को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उसने कहा है कि उसके रिकार्ड रूम से कोई भी फाइल गायब नहीं है। इस चिट्ठी के मुताबिक सस्पैंड चल रहे परमिंदर सिंह गिल ने जो रिकार्ड गायब होने की बात डीसी कम चेयरमैन और पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर बताई, वह झूठी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईओ रहते परमिंदर सिंह गिल ने आखिर झूठ क्यों बोला? इस पर भी डेली संवाद की टीम ने अपने छानबीन में पाया कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से आईफोन गिफ्ट को लेकर विवाद चल रहा था। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ परमिंदर सिंह गिल पर उनके ही जूनियर क्लर्क ने आरोप लगाया कि ईओ के दबाव में 7 लाख रुपए से ज्यादा ट्रस्ट के खजाने से निकाला गया। इस रकम से दो आईफोन खरीदे गए, जिसे गिफ्ट किया गया। इस खुलासे के बाद प्रिंसीपल सैक्रेटरी ने ईओ परमिंदर सिंह गिल, जूनियर सहायक अनुज राय और अकाउंटेंट आशीष को सस्पैंड कर दिया।

कुछ अदृश्य शक्तियां भी सक्रिय

इसके बाद ये मामला बढ़ता चला गया। मामला ईओ परमिंदर सिंह गिल वर्सेस चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया हो गया। परमिंदर सिंह गिल को ऐसा लगने लगा कि चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया ने उन्हें सस्पैंड करवाया। इस सबके पीछे कुछ अदृश्य शक्तियां भी परमिंदर सिंह गिल के साथ जुट गई हैं। ये वो शक्तियां हैं, जो जालंधर के आस-पास शहरों के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर में काम कर रहे हैं।

इसके बाद शुरू हुई एक ऐसी लड़ाई, जिसमें इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अफसरों और मुलाजिमों की नौकरी पर बन आई। इससे पहले ईओ परमिंदर सिंह गिल ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से 120 फाइलें गायब होने को लेकर डीसी कम चेयरमैन घनश्याम थोरी और पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी। ट्रस्ट से 120 फाइलें गुम होने की खबर से डीसी और पुलिस कमिश्नर हैरान हो गए और आनन-फानन में एफआईआर दर्ज करवाने के हुक्म दिए गए।  नोट: अगली खबर में पढ़ें इसके बाद की छानबीन की बड़ी रिपोर्ट,  कौन चला रहा है गिफ्टेट IPhoe, कौन है ट्रस्ट का माफिया, डेली संवाद पर पढ़ें।

पढ़ें क्लर्क कपिल की वह चिट्ठी, जिसे पुलिस कमिश्नर को भेजी गई है

















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