Jalandhar News: MLA रमन अरोड़ा की शिकायत पर स्थानीय निकाय मंत्री ने कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर को किया तलब, स्मार्ट सिटी, बीएंडआर और बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों पर हो सकती है बड़ी कार्ऱवाई

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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर (Inderbir Singh Nijjar)ने स्मार्ट सिटी (Smart City Jalandhar) के कामों में हुई धांधली को लेकर सख्त हो गए हैं। उन्होंने आज जालंधर पहुंच कर स्मार्ट सिटी की सीईओ (CEO) व नगर निगम के कमिश्नर दविंदर सिंह समेत सभी अधिकारियों को डीसी दफ्तर में तलब कर लिया। उन्होंने विधायक रमन अरोड़ा की शिकायत के आधार पर समार्ट सिटी में धांधली और अवैध कामर्शियल इमारतों पर रिपोर्ट मांगी है।

विधायक रमन अरोड़ा ने करप्शन के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए एक के बाद एक कई शिकायतें की। इसमें नगर निगम के अफसरों ने कोई कार्ऱवाई नहीं की। उलटे उस शिकायत के आधार पर कुछ अफसरों ने बिल्डिंग मालिकों से मोटी वसूली कर ली। इसकी शिकायत अब स्थानीय निकाय मंत्री के पास पहुंची है। पढ़ें शिकायतें…

शिकायत नंबर-1 जोशी अस्पताल

विधायक रमन अरोड़ा ने स्थानीय निकाय मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर से शिकायत की है कि सैंट्रल हलके में जोशी अस्पताल की शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्ऱवाई नहीं हुई। जोशी अस्पताल के अवैध बेसमेंट की खुदाई में तत्कालीन एमटीपी मेहरबान सिंह, एटीपी राजीव ऋषि, एटीपी विनोद कुमार और इंस्पैक्टर दिनेश जोशी पर अभी तक कोई कार्ऱवाई नहीं की गई। जबकि तत्कालीन कमिश्नर करणेश शर्मा ने अस्पताल का नक्शा रद्द कर दिया था, अब ये अस्पताल फिर से बनने वाला है।

शिकायत नंबर- 2 नाज कांप्लैक्स

इसके साथ ही विधायक रमन अरोड़ा ने स्थानीय निकाय मंत्री से नाज कांप्लैक्स में अवैध रूप से बनी तीन मंजिला कामर्शियल इमारत और 50 से ज्यादा दुकानों की भी शिकायत की है। इस शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्य़ालय से कार्ऱवाई के आदेश जारी हुए थे, लेकिन तत्कालीन एमटीपी मेहरबान सिंह, एटीपी राजिंदर शर्मा, एटीपी विनोद कुमार, इंस्पैक्टर दिनेश जोशी ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे दो महीने से सीएम आफिस की चिट्ठी को दबाए रखा।

अब निगम मुख्यालय के सामने अवैध कामर्शियल इमारत

नगर निगम मुख्यालय के पास अवैध रूप से कामर्शियल कांप्लैक्स बनाया जा रहा है, इसमें तत्कालीन एमटीपी मेहरबान सिंह, तत्कालीन एटीपी राजिंदर शर्मा और इंस्पैक्टर दिनेश जोशी का नाम सामने आ रहा है। जिस जगह ये कामर्शियल कांप्लैक्स बन रहा है, उसका न तो कोई सीएलयू हो सकता है और न ही किसी तरह का कामर्शियल निर्माण। जिससे इन अफसरों ने दूसरा रास्ता अपनाया, ये रास्ता रेजीडेंशियल नक्शा पास करवा कर कामर्शियल कांप्लैक्स बनवाने का था। सूत्र बता रहे हैं कि इस अवैध कामर्शियल कांप्लैक्स बनाने के लिए नगर निगम के कुछ अधिकारियों ने मोटी वसूली की है।

स्मार्ट सिटी में जमकर धांधली

विधायक रमन अरोड़ा का आरोप है कि स्मार्ट सिटी के कामों में जमकर धांधली की गई है। स्थानीय निकाय मंत्री के पास जो शिकायत पहुंची है, उसमें 21 करोड़ रुपए के चौकों के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों की धांधली हुई है। सरकार बदलने के बाद अफसरों ने जब देखा कि अब करप्शन के खिलाफ के कार्ऱवाई शुरू हो गई है तो उसका एस्टीमेट बदलकर 8 करोड़ कर दिया गया। हैरानी की बात तो है कि जब काम ही 8 करोड़ का था, तो इंजीनियरों ने उसे 21 करोड़ का एस्टीमेट कैसे बना दिया था।

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अब बात सामने आ रही है कि बिना वेरीफिकेशन की ही ठेकेदार को 8 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया है। नगर निगम के एसई और नोडल अफसर रजनीश डोगरा ने दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर में माना है कि बिना वेरीफिकेशन के ही भुगतान हुआ है। खबर के मुताबिक डोगरा ने कहा है कि इसका वेरीफिकेश किया जाएगा।

सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या 8 करोड़ रुपए का भुगता बिना वेरीफेकशन के किया गया है। अगर ऐसा है तो नोडल अफसर से लेकर जेई, एसडीओ, एक्सईएन और अन्य अधिकारी सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं। यह शिकायत भी स्थानीय निकाय मंत्री को विधायक रमन अरोड़ा ने की है।

स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट के चेले की जांच शुरू

उधर, डेली संवाद पर प्रकाशित खबरों के बाद विजीलैंस ने स्वता संज्ञान लेते हुए स्मार्ट सिटी की धांधली की अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। विजीलैंस की जद में बूढ़े इंजीनियर का चेला है, जिसके बैंक एकाउंट से लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। पता चला है कि इसी चेले के एकाउंट में 90 लाख रुपए से ज्यादा कैश जमा है। इसे लेकर विजीलैंस ने जांच शुरू की है। विजीलैंस ने आईसीआईसीआई बैंक के खाते के विवरण मांगा है।

निकाय मंत्री ले कर सकते हैं बड़ी कार्रवाई

स्थानीय निकाय मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर जालंधर के बिल्डिंग ब्रांच और बीएंडआर ब्रांच के साथ साथ स्मार्ट सिटी में कार्यरत कुछ लोगों के खिलाफ कड़ी  कार्ऱवाई कर सकते हैं। आज डीसी दफ्तर में निगम कमिश्नर दविंदर सिंह औऱ ज्वाइंट कमिश्नर शिखा भगत के साथ अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि सरकार एक-एक पैसे की हिसाब लेगी। अधिकारी चाहे जहां भी तबादला होकर क्यों न चले गए हैं, उनपर सख्त कार्ऱवाई की जाएगी।

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