PCOD: क्या होता है PCOD, जानिए इसके लक्ष्ण, कारण और बचाव के बारे में

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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 414 शब्द|📅 07 Nov 2022

डेली संवाद, चंडीगढ़। PCOD: आज के समय में PCOD यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज महिलाओं में होने वाली आम समस्या बन गई है। इस बीमारी में हॉर्मोन्स के कारण ओवरी में छोटी-छोटी सिस्ट यानी गांठ हो जाती हैं। इन सिस्ट के कारण महिलाओं में बड़े स्तर पर हॉर्मोनल बदलाव होने लगते हैं। क्योंकि ये सिस्ट पीरियड्स और प्रेग्नेंसी दोनों को डिस्टर्ब करती हैं।

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नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ ऐंड रिसर्च के अनुसार हमारे देश में करीब 10 प्रतिशत महिला आबादी पीसीओडी की समस्या से जूझ रही है। कई महिलाएं तो इसमें ऐसी भी होती है जिनको इस बारे में पता ही नहीं चल पाता है। 5 से 10% महिलायें 15 और 44 वर्ष के बीच, या उन वर्षों के दौरान जब उनको बच्चे हो सकते हैं, PCOD से पीड़ित हो जाती हैं।

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अधिकांश महिलाओं को उनके 20 और 30 की आयु में पता चलता है कि उनको पीसीओडी है, जब उन्हें गर्भवती होने में किसी प्रकार की समस्या आती है और वे डॉक्टर को दिखाती है। लेकिन पीसीओएस आपके यौवन के बाद किसी भी उम्र में हो सकता है। पीसीओडी इन्फर्टिलिटी को बढ़ावा देती है जिससे महिलाओं को कंसीव करने में समस्या आती है। यदि कंसीव हो जाए तो गर्भपात होने का खतरा बना रहता है।

पीसीओडी के कारण

खराब लाइफस्टाइल
खाने पीने में लापरवाही
शारारिक गतिविधि न करना
पोषव तत्व न लेना
वजन का तेजी से बढ़ना
असंतुलित पीरियड्स।

पीसीओडी के लक्ष्ण

अनियमित पीरियड्स
एण्ड्रोजन (पुरुष हार्मोन)
चेहरे पर मुंहासे
चेहरे पर अत्यधिक बाल
अंडाशय का बढ़ जाना
पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग
वजन बढ़ना
त्वचा पर काले धब्बे
सिर दर्द
बालों का पतला होना
स्किन का ऑयली होना
नींद न आना
मूड का बदलते रहना
कंसीव करने में समस्या आना
हाई ब्लड प्रेशर।

पीसीओडी से बचाव

हाई कोलेस्टेरोल, हाई फैट और हाई कार्बोहाइड्रेट से परहेज करना
नियमित रूप से व्यायाम करना
समय पर दवाओं का सेवन करना
शराब और सिगरेट के सेवन से बचना
अपनी वजन का खास ध्यान रखना
अधिक तैलीय और मसालेदार चीजों से दूर रहना।

लक्षणों को देखकर उन्हेंं नजर अंदाज न करें और फौरन विशेषज्ञ से परामर्श करें। पीसीओडी का संदेह होने पर विशेषज्ञ आपको सोनोग्राफी की सलाह देंगे।जरूरत पड़ने पर ब्लड टैस्ट और कुछ हार्मोनल जांचें भी कराई जा सकती हैं। रिपोर्ट के आधार पर पीसीओडी की पुष्टि होती है और इलाज शुरू किया जाता है।

















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