Atique Ahmed: योगी राज में मिट्टी में मिला माफिया अतीक, 43 साल में पहली बार मिली सजा

Daily Samvad
5 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 5 मिनट पढ़ने का समय|📝 636 शब्द|📅 28 Mar 2023

डेली संवाद, लखनऊ। Atique Ahmed: 43 साल में जो नहीं हो पाया वो छह साल की सुशासन की सरकार में हो गया। माफिया मिट्टी में मिल गया। पहली बार उसे किसी मामले सजा हुई। मुकदमों का शतक लगा चुके माफिया अतीक अहमद (Atique Ahmed) की जिंदगी अब सलाखों के पीछे कटेगी। हत्या, अपहरण, दंगा, फिरौती, लूट, डकैती और अवैध जमीन कब्जा सहित कई गंभीर मुकदमों को अपने गले का ‘हार’ बनाकर घूमने वाले अतीक को एमपी-एमएलए कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण कांड में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Atique Ahmed: योगी राज में मिट्टी में मिला माफिया अतीक, 43 साल में पहली बार मिली सजा

यह सजा उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए नजीर है। 100 मुकदमों का यह आरोपी समाजवादी पार्टी की सरकार में जब खुलेआम घूमता था तो यही लगता था कि ‘कानून की सड़क’ उसकी चौखट तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो जाती है। लोगों के मन मस्तिष्क में एक बोर्ड लग गया था। ‘पुलिस, कोर्ट, कचरी और न्याय जैसे शब्दों की सीमा समाप्त, यहां से अतीक के आतंक की ‘सीमा’ प्रारंभ होती है’।

ये भी पढ़ें: एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे ने Instagram पर LIVE होकर लगा ली फांसी, देखें VIDEO

पहली बार अतीक के चेहरे पर सरकार और कानून का डर दिखा। देश और प्रदेश की जनता ने यह भी देखा कि अभियोजन और पुलिस का बेहतर समन्वय हो और कोर्ट में प्रभावी पैरवी की जाए तो बड़े से बड़े अपराधी को अपने गुनाहों का हिसाब देना पड़ता है और उसे उसकी सही जगह यानी जेल जाना ही पड़ता है। 17 साल पुराने मामले में अतीक समेत कुल 11 को आरोपी बनाया गया था। इसमें से एक आरोपी की मौत हो गई है।

कोर्ट रूम के कटघरे में 10 आरोपी खड़े थे। दो बजे के करीब जज दिनेश चंद्र ने अपना फैसला सुनाया। उन्होंने अतीक अहमद, दिनेश पासी और खाना शौलत हनीफ को उम्र कैद की सजा सुनाते हुए एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही अतीक के भाई अशरफ समेत सात आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया। एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला सुनते ही अतीक अपने भाई अशरफ से लिपटकर रोने लगा।

ये भी पढ़ें: जालंधर कैंट के दलबदलू जगबीर बराड़ ने फिर से मारी पलटी

साथ ही चार दशक से ज्यादा समय से न्याय की आस में अपनी एड़ियां घिस रहे तमाम उन मासूम परिवारों के चेहरे पर भी मुस्कान लाने वाला था, जिन्होंने अतीक का जुर्म झेला था। एक समय ऐसा था जब सपा सरकार में इस माफिया पर से मुकदमे वापस लिए जाते थे। सार्वजनिक मंचों पर सपा नेता उसके साथ मंच साझा करते थे और अपनी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़वाते थे। अतीक माफिया राजनीति और अपराध के गठजोड़ की मिसाल बन गए था।

इस मामले में मिली सजा

अतीक और उसके दो सहयोगियों को बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के गवाह उमेश पाल के अपहरण के मामले में सजा मिली। गवाही बदलवाने के लिए 17 साल पहले 28 फरवरी 2006 को अतीक और उसके गुर्गों ने उमेश पाल का अपहरण कर लिया था। उन्हें अपने दफ्तर ले जाकर टार्चर किया और फिर जबरदस्ती हलफनामा दिलवाकर गवाही बदलवा दी।

अतीक के चंगुल से मुक्त होकर उमेश पुलिस के पास गए और मुकदमा दर्ज करवाया। आज कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अतीक समेत बाकी दोनों आरोपियों को धारा-364ए/34, धारा-120बी, 147, 323/149, 341,342,504, 506 के सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

VIDEO- मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान, देखें

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *