डेली संवाद, अमृतसर। Donkey flight: पंजाब पुलिस ने ट्रैवल एजैंटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की ही। ये वही ट्रैवल एजैंट है, जिन्होंने 70 से 80 लाख लेकर डंकी रूट से पंजाब के कई युवाओं को अमेरिका भेजने वाले थे। इन सभी को फ्रांस में हिरासत में लेकर वापस भारत भेज दिया गया था। इस मामले में यह पहली एफआईआर है।
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फ्रांस से लौटी डंकी फ्लाइट में सवार अमृतसर के 12 युवाओं को पंजाब पुलिस ने बुलाकर पूछताछ की है। जिनमें से सिर्फ 2 ने ही बयान दर्ज करवाए हैं, जबकि अन्य 10 ने बयान देने से ही मना कर दिया है। दोनों युवाओं के बयानों के आधार पर अमृतसर रूरल पुलिस ने अजनाला व मेहता पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की है।
संधू नामक एजैंट है मास्टर माइंड
मानव तस्करी के इस खेल में संधू नामक एक बड़े ट्रैवल एजैंट का नाम सामने आ रहा है। इसी एजैंट ने यह सारा प्लान किया था। वहीं, जालंधर के दो बड़े ट्रैवल एजैंट का नाम सामने आया है। लेकिन जांच अधिकारी और लोग इन नामों का अभी खुलासा नहीं कर रहे हैं।
वहीं, पुलिस ने गुरदासपुर के बटाला निवासी तरसेम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन दोनों मामलों में शिकायतकर्ता तलवंडी गांव के कंवरमन सिंह और बुट्टर गांव के दमनप्रीत सिंह हैं। तरसेम सिंह के खिलाफ पुलिस ने 420 धोखाधड़ी, 120-B षड्यंत्र रचने और सेक्शन-13 पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेग्युलेटरी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एजैंट ने दिए पैसे वापस करने का लालच
बिना नाम जाहिर करने की शर्त पर जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि ट्रैवल एजेंट अब इन पीड़ित लोगों को पैसे वापस करने का झांसा दे रहे हैं। जिसके बाद 10 के करीब युवा पीड़ितों ने पुलिस के सामने अपनी जुबान खोलने से मना कर दिया है। उन्हें डर है कि अगर वे मुंह खोलेंगे तो उनके पैसे मर जाएंगे।
जांच में पता चला है कि हर व्यक्ति के लिए एजेंट ने 25 से 45 लाख रुपए ले रखे हैं। इसके अलावा अमेरिका पहुंचने पर बाकी रकम देनी थी। इतनी बड़ी रकम के खो जाने के डर से पीड़ित कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। दो पीड़ितों ने पुलिस को जानकारी दी कि बटाला के तरसेम सिंह ने उन्हें अमेरिका के सपने दिखाए थे।
4 दिन फ्रांस में रोका गया और फिर मुंबई भेज दिया
कंवरमन ने बताया कि उसे पहले दुबई भेजा गया। इसके बाद वहां संधू नाम के व्यक्ति से मिलने की बात हुई थी। जिसने उसे निकारागुआ ले जाने का इंतजाम किया। उन्हें कहा गया था कि अमेरिका जाने के लिए पहला स्टॉप यहीं होगा, यहां से अमेरिका का वीजा दिया जाएगा।

वहीं, दूसरे पीड़ित दमनप्रीत सिंह ने बताया कि इस एजेंट ने पहले उसके परिवार से 11 लाख रुपए उसे पुर्तगाल या आस्ट्रेलिया भेजने के लिए लिए थे। लेकिन बाद में उसे 42 लाख रुपए में अमेरिका का सपना दिखा गया। उनकी फ्लाइट निकारागुआ के लिए उड़ी। 4 दिन फ्रांस में रोका गया और फिर मुंबई भेज दिया गया।
डंकी रूट पर 200 के करीब पंजाबी, 66 गुजराती
जांच में सामने आया है कि लोगों से लाखों रुपए लिए गए। उन्हें साउथ अमेरिका से अमेरिका के दक्षिणी बॉर्डर तक पहुंचने में मदद के नाम पर ये पैसे वसूले गए। इन लोगों का एजेंट्स से संपर्क कैसे हुआ और निकारागुआ पहुंचने के बाद इन लोगों का क्या प्लान था, इस बारे में पूछताछ जारी है।
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आपको बता दें कि 21 दिसंबर को एयरबस A340 विमान 276 पैसेंजर्स को लेकर निकारागुआ जा रहा था। जब यह फ्रांस में फ्यूल भरवाने के लिए रुका तो वहां की अथॉरिटीज ने मानव तस्करी के शक में फ्लाइट को चार दिन तक रोके रखा।
यह फ्लाइट 26 दिसंबर की सुबह भारत के मुंबई लैंड हुई। जिसमें तकरीबन 200 पंजाबी थे और 66 के करीब गुजराती इसमें सवार थे। इसके बाद गुजरात की सीआईडी ने जांच शुरू की। यही नहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसकी जांच के लिए SIT गठित की है। एसआईटी की जांच में ये खुलासा हुआ है।
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