डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: लोकसभा चुनाव में पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी जहां लोकहित वाली तमाम योजनाओं की घोषणा कर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने में जुटी है, वहीं पिछले दो दिनों से जालंधर में स्थानीय निकाय विभाग की विजीलैंस टीम AAP की गणित खराब करने में लगी है। विभागीय विजीलैंस पिछले दो साल की उन इमारतों की फाइल खंगाल रही है, जो जायज और नाजयज तरीके से AAP सरकार के दौरान बनी हैं।
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सूत्र बता रहे हैं कि आजकल आम आदमी पार्टी के एक मंत्री और विधायकों में नहीं बन रही है। AAP की आपसी लड़ाई में नुकसान आम आदमी का होने वाला है। जालंधर में जायज और नाजायज तरीके से बनी 150 से ज्यादा इमारतों के नाम पर विधायकों को घेरने की तैयारी की जा रही है। जिसका खामियाजा विधायक भुगते या न भुगते लेकिन आने वाले लोकसभा चुनाव में AAP के प्रत्याशी को जरूर भुगतना पड़ सकता है।
निकाय विभाग की विजीलैंस टीम ने डेरा जमाया
आपको बता दें कि पिछले दो दिनों से जालंधर नगर निगम में स्थानीय निकाय विभाग की विजीलैंस टीम ने डेरा जमा कर बैठी है। हैरानी की बात तो यह है कि जायज नाजायज इमारतों की जांच करने वाली टीम पर अमृतसर में गंभीर आरोप लगे थे। इसी टीम पर अमृतसर की एक कामर्शियल इमारत की जांच में उंगली उठ चुकी है। इस टीम पर आरोप लगा थे कि जिस होटल की शिकायत थी, उसी होटल में रुककर जांच कर रहे थे।
बिल्डिंग ब्रांच का सारा काम लुधियाना के चंद अफसरों के हाथ में
दूसरा इस समय बिल्डिंग ब्रांच का सारा काम लुधियाना के चंद अफसरों के हाथ में है। एक समय़ था जब बिल्डिंग ब्रांच में अमृतसर के रहने वाले का दबदबा था, लेकिन AAP सरकार में लुधियाना के अफसरों की तूती बोल रही है। विजीलैंस टीम में भी लुधियाना के लोग शामिल हैं।
जालंधर की सियासत में नया भूचाल आने वाला है
जालंधर में पिछले दो साल से लगातार जायज और नाजायज इमारतें बन रही हैं। इन इमारतों के मालिक पैसे और राजनीतिक रसूख रखने वाले हैं। जिससे इमारतें बनी हैं। जानकारी के मुताबिक विजीलैंस टीम ने जालंधर के दो हलके में आज पूरे दिन मौके पर जाकर जांच की है। जिससे जालंधर की सियासत में नया भूचाल आने वाला है।
मंत्री के बेटे जालंधर में कायम करना चाहते हैं अपना वर्चस्व
सूत्र बता रहे हैं कि सरकार में एक मंत्री का बेटा जालंधर के कुछ लोगों से हाथ मिलाकर निगम पर अपना वर्चस्व कायम करना चाहता है। जिससे विधायकों के इलाके में विजीलैंस टीम भेजकर पुरानी फाइलें खुलवाए जा रहे हैं। जिसका राजनीति दृष्टि यह है कि इनके हलके में लोगों परेशान किए जाएंगे, जिसका खामियाजा विधायक को भुगतना पड़ेगा।
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लेकिन इस राजनीतिक लड़ाई के बीच नुकसान सीधे तौर पर AAP की होगी। फिलहाल आने वाले दो या तीन महीने में लोकसभा चुनाव है, एसे में अगर विजीलैंस ने जायज या नाजायज इमारतों पर को कार्रवाई की तो सीधे तौर पर पार्टी के प्रत्याशी को नुकसान होगा। जिससे AAP के मंत्री और विधायको की लड़ाई में लोगों के साथ साथ AAP के लोकसभा प्रत्याशी को भी उठाना पड़ सकता है।
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