डेली संवाद, जालंधर। DIPS News: तेजी से बदलते शैक्षिक परिदृश्य में अपने स्कूलों का प्रभावी ढंग से नेतृत्व करने के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरणों के साथ प्रधानाचार्यों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में 29 और 30 अप्रैल को गुरुदक्षता विषय पर डिप्स स्कूल सूरानुस्सी में दो दिवसीय सीबीएसई वर्कशाप का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में लवीना राजपूत प्रिंसिपल एपीएस ब्यास और योगेश गंभीर प्रिंसिपल डीएवी सेंटेनरी जालंधर को सीबीएसई द्वारा रिसोर्स पर्सन के रूप में नियुक्त किया गया है। इस आयोजित कार्यक्रम में जालंधर और आसपास के विभिन्न सीबीएसई स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न शाखाओं से 60 शिक्षक भाग ले रहे हैं।
यह भी पढ़ें – कनाडा, अमेरिका और यूरोप जाना हो सकता है महंगा
वर्कशाप ने शैक्षिक नेताओं के बीच सहयोगात्मक संवाद, ज्ञान साझाकरण और रणनीतिक योजना के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया। उपस्थित लोग प्रोफेशनल के सतत विकास (सीपीडी) जैसे विविध विषयों पर गहन चर्चा में लगे रहे सकें।
डिप्स का लक्ष्य सीओई चंडीगढ़ ट्रेनिंग सेल सीबीएसई के तत्वावधान में सतत व्यावसायिक विकास के माध्यम से एनईपी 2020 के लिए अपने संकाय को प्रशिक्षित करना है डिप्स सूरानुसी की प्रिंसिपल रेणुका गुलेरिया ने छात्रों को समग्र विकास प्रदान करने के लिए सीबीएसई पहल पर शिक्षक प्रशिक्षण के महत्व को दोहराया।
यह भी पढ़ें – कनाडा जाने वाली फ्लाइट में जमकर हंगामा
उन्होंने संकाय के व्यावसायिक विकास के लिए गहरी रुचि दिखाने के लिए डिप्स चेन के एमडी सरदार तरविंदर सिंह और सीईओ मोनिका मंडोत्रा को धन्यवाद दिया। डिप्स चेन के एमडी सरदार तरविंदर सिंह और सीईओ मोनिका मंडोत्रा ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला का समय-समय पर आयोजन होते रहना चाहिए।
इससे प्रशिक्षुओं को नई-नई अध्यापन पद्धति की जानकारी हो सके एवं अध्यापन के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के नये व उच्च आयामों तक ले जा सकें। उन्होंने कहा कि सीबीएसई इस सफल सम्मेलन से उत्पन्न गति को आगे बढ़ाने और देश के छात्रों के भविष्य को आकार देने के लिए शैक्षिक नेताओं को समर्थन और सशक्त बनाने के लिए तत्पर है।
संगरूर- पहले दी बड़ी जीत, फिर जमानत जब्त करवाई








