Gurmeet Ram Rahim: डेरा प्रमुख राम रहीम सहित चार अन्य को रणजीत हत्याकांड में किया दोष मुक्त, पर अभी रहेंगे जेल में ही

Daily Samvad
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Gurmeet Ram Rahim
Punjab Government
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⏱️ 4 मिनट पढ़ने का समय|📝 489 शब्द|📅 28 May 2024

डेली संवाद, पंचकूला। Gurmeet Ram Rahim: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को रंजीत सिंह मर्डर केस (Ranjit Singh Murder Case) में दोष मुक्त कर दिया है।

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हाई कोर्ट ने इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दिए गए फैसले को रद्द कर दिया और राम रहीम सहित चार अन्य को बरी कर दिया है। पंचकूला की विशेष अदालत ने पहले इस मामले में सजा का एलान किया था, जिसे बाद में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

रहीम को 3 मामलों में सजा हुई थी। इनमें रणजीत हत्याकांड के अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या और साध्वियों के यौन शोषण का केस भी शामिल है। पत्रकार की हत्या में उसे उम्रकैद और यौन शोषण के 2 केसों में 10-10 साल की कैद हुई थी। इस केस में बरी होने के बावजूद राम रहीम को अभी जेल में ही रहना होगा।

पंचकूला की अदालत ने सुनाई थी सजा

पंचकूला की विशेष अदालत ने रंजीत सिंह हत्‍याकांड में डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सहित पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही गुरमीत राम रहीम पर 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

सभी दोषियों को विभिन्‍न धाराओं में सजा सुनाई गई है। सीबीआई ने गुरमीत राम रहीम को फांसी की सजा देने के मांग की थी, लेकिन अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। दूसरी ओर, गुरमीत राम रहीम के वकील अजय वर्मन ने कहा था कि वह इस फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।

इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसमें विशेष सीबीआई अदालत द्वारा किए फैसले को रद्द करते हुए राम रहीम सहित चार अन्य लोगों को बरी कर दिया गया है।

22 साल पहले हत्या, 19 साल बाद हुई थी सजा, 3 साल बाद बरी

कुरुक्षेत्र के रहने वाले डेरे के मैनेजर रणजीत सिंह की 10 जुलाई 2002 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसकी पुलिस जांच हुई, लेकिन डेरे को क्लीन चिट दे दी गई। रणजीत का परिवार संतुष्ट नहीं था। पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत सिंह के बेटे जगसीर सिंह ने जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की थी।

हालांकि, शुरुआत में इस मामले में राम रहीम का नाम नहीं था, लेकिन साल 2003 में जांच CBI को सौंपी गई। फिर 2006 में राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह के बयान पर डेरा प्रमुख को शामिल किया गया। इस मामले में 2007 में कोर्ट ने आरोपियों पर आरोप तय किए थे।

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19 साल के बाद अक्टूबर 2021 में डेरा मुखी समेत 5 आरोपियों को दोषी करार दिया गया। जिसके बाद CBI ने इन्हें उम्रकैद की सजा दे दी। सजा मिलने के तीन साल बाद राम रहीम हाईकोर्ट से बरी हो गया।

















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