डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर नगर निगम (Jalandhar Municipal Corporation) के बिल्डिंग ब्रांच में करप्शन के किस्से जालंधर से लेकर चंडीगढ़ और दिल्ली तक आम हो गया। करप्शन केस में विधायक रमन अरोड़ा (Raman Arora) समेत निगम अधिकारी जेल में बंद हैं, लेकिन जिन इमारतों को करप्शन के पैसे से अवैध रूप से बना दिया गया, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इसी मामले में पंजाब के लोकपाल ने निगम कमिश्नर गौतम जैन से जवाब तलबी की है।
पंजाब (Punjab) की भगवंत मान (Bhagwant Mann) सरकार करप्शन पर कड़ा प्रहार कर रही है, लेकिन करप्शन करने वाले कई अफसर अभी भी निगम दफ्तर में मौज कर रहे हैं। जालंधर (Jalandhar) के बीएमसी चौक के बीचोबीच जिस इमारत को लेकर विजीलैंस ने करप्शन का केस बनाया, उस अवैध इमारत को बनवाने वाले निगम अफसर साफ बच गए। लद्देवाली रोड पर ग्रीन काउंटी में अवैध विला बनवाने वाले अफसर चार्जशीट के बाद नौकरी कर रहे हैं।
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इन अवैध इमारतों और कालोनियों को लेकर जालंधर के आरटीआई एक्टिविस्ट करणप्रीत सिंह ने पंजाब के लोकपाल से शिकायत की है। जिसे लेकर लोकपाल ने नगर निगम जालंधर के कमिश्नर गौतम जैन से जवाब मांगा है। जवाब में नगर निगम के अफसरों ने 13 पन्नों की रिपोर्ट पेश की, लेकिन लोकपाल इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए, अब 2 सितंबर को फिर से अफसरों को तलब किया गया है। इस मामले में कमिश्नर गौतम जैन समेत, एमटीपी और बिल्डिंग ब्रांच के एटीपी और इंस्पैक्टर अपने जवाब देने होंगे।

Glenmore Greens कालोनी पर कौन मेहरबान?
नगर निगम के अफसरों की मेहरबानी देखिए… खुरला किंगरा के पास अमरजीत नामक शख्स ने Glenmore Greens नाम से रिहाइशी कालोनी विकसित किया। नगर निगम ने MTP/4023 नंबर का लाइसेंस 25-05-2018 को जारी किया। लेकिन कालोनाइजर ने रिहाइशी कालोनी में फ्लैट बनाकर बिल्डिंग बायलाज का उल्लंघन किया। यही नहीं कलोनाइजर ने नगर निगम से कोई कंपलीशन सर्टिफिकेट भी नहीं लिया।

शिकायत के बाद नगर निगम ने 9 जुलाई 2025 को अमरजीत के नाम नोटिस निकाला। नोटिस में कहा गया है कि लेआउट प्लान के विपरीत निर्माण करवाया गया। निगम ने कालोनाइजर अमरजीत से कालोनी के सभी दस्तावेज मांगा है। इसके बाद कालोनाइजर ने एक चिट्ठी लिखकर 3 महीने की मोहलत मांगी है। हैरानी की बात तो यह है कि 7 साल तक इस कालोनी के खिलाफ नगर निगम ने कोई कार्ऱवाई नहीं की। इससे सरकार को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

बिल्डिंग बायलाज के जानकार बताते हैं कि नियमानुसार कालोनाइजर का लाइसैंस रद्द करके उसके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। इसके साथ ही साल 2018 से लेकर अब तक जिन एटीपी और इंस्पैक्टर की तैनाती इस इलाके में रही है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पंजाब के लोकपाल ने मामला तलब कर लिया है।

ग्रीन काउंट में चार्जशीट अफसर को कौन बचा रहा?
जालंधर के लद्देवाली रोड पर साल 2013 में नगर निगम ने ग्रीन काउंटी के नाम से ग्रुप हाउसिंग प्रोजैक्ट को पास किया। लेकिन तय समय तक प्रोजैक्ट मुक्कमल नहीं हुआ। यही नहीं, प्रोजैक्ट 12 साल से चल रहा है। अवैध रूप से विला बनाया जा रहा है। शिकायत के बाद नगर निगम के कमिश्नर ने एटीपी को चार्जशीट किया था, इंस्पैक्टर पर एक्शन लिया था, लेकिन सब दिखावा साबित हुआ। उक्ट एटीपी और इंस्पैक्टर आज भी निगम में तैनात हैं।

इस प्रोजैक्ट की जब शिकायत हुई, तब नगर निगम ने जुलाई 2025 को नोटिस भेजकर रिवाइज्ड प्लान जमा करवाने को कहा। हैरानी की बात तो यह है कि 12 साल के दौरान ग्रीन काउंटी के मालिकों ने वहां कई विला बना दिया। उसे बेच भी दिया। जिस पर इसी साल नगर निगम ने कार्ऱवाई भी की थी। लेकिन अवैध रूप से विला फिर से बन रहे हैं। जिस अफसर को चार्जशीट किया था, उसे बहाल कर दिया गया। लोकपाल ने पूरे मामले की रिपोर्ट के साथ कमिश्नर को तलब किया है।

Jainco Stonex नकोदर रोड ने लगाई चपत
जालंधर में नकोदर रोड पर जैनको स्टोनेक्स की इमारत की लोकपाल में शिकायत हुई है। नगर निगम ने जैनको स्टोनेक्स का 1343 गज शेड पास किया था, लेकिन मौके पर 2000 से ज्यादा एरिया में शेड डाल लिया। इसके अलावा पुराने शेड में नए शेड को क्लब कर दिया। शिकायत के बाद नगर निगम ने नोटिस भेजकर रिवाइज्ड प्लान जमा करवाने को कहा है।
हैरानी की बात तो यह है कि अवैध रूप से शेड डालकर जैनको स्टोनेक्स के मालिकों ने सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाया है। कई बार नगर निगम के कमिश्नर से शिकायत भी हुई है, लेकिन इस संबंध में कोई कार्ऱवाई नहीं की। जिससे पंजाब के लोकपाल में शिकायत दी गई है, अब लोकपाल ने कमिश्नर समेत बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों को तलब किया है।

Deck 5 व होटल Empire Square
जालंधर के माडल टाउन में होटल एंपायर स्क्वायर और डेक5 खुला है। इसका प्लान 2018 में पास किया गया। इसने कंपलीशन सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद अवैध रूप से ऊपरी मंजिल बना लिया। शिकायत के बाद साल 2024 में नगर निगम ने नोटिस जारी किया। इसके बाद मार्च 2024 में इसे सील कर दिया गया है। बाद में सील खोल दिया गया, निगम ने कहा कि इस इमारत का केस सरकार स्तर पर लंबित है।
करणप्रीत सिंह के मुताबिक यह इमारत नगर निगम द्वारा पास किए प्लान के मुताबिक नहीं है, इमारत बिल्डिंग बायलाज के मुताबिक नहीं बनाई गई। तय प्लान के मुताबिक इमारत की ऊंचाई बढ़ा दी गई, जसका कोई CLU फीस नहीं जमा करवाई गई। इसमें उपरी मंजिल पर होटल खोल लिया और टाप फ्लोर के छत पर बार खोल दिया, जो नियमों के विपरीत है। इसे लेकर लोकपाल ने निगम कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है।

वडिंग में अवैध कालोनी
जालंधर के वडिंग में अवैध कालोनी काटी गई। शिकायत के बाद इस पर कार्ऱवाई की गई। इसके बाद कालोनाइजर की तरफ से फर्जी एनओसी लगाकर नक्शा पास करवा लिया गया। दोबारा शिकायत हुई तो इसकी जांच करवाई गई, जिसमें एनओसी फर्जी पायी गई। जिससे नक्शा को रद्द कर दिया गया।

इसके अलावा कालोनाइजर के खिलाफ एफआईआर के लिए चिट्ठी लिखी गई है। लेकिन अभी तक कोलाइनजर पर कोई कार्ऱवाई नहीं हुई, न ही कालोनी पर दोबारा एक्शन लिया गया। हालत यह है कि वहां अभी भी प्लाटिंग हो रही है, कोठियां बन रही हैं।







