डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर नगर निगम (Municipal Corporation Jalandhar) के अफसर कालोनाइजरों पर दरियादिली दिखा रहे हैं, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। एक ऐसा ही मामला खुलरा किंगरा में डेवलेप की गई ग्लेनमोर ग्रीन्स (Glenmore Greens) कालोनी का सामने आया है। जिसे कमिश्नर रहे गौतम जैन ने 70 लाख रुपए का नोटिस जारी किया था। उसके बाद कोई कार्ऱवाई ही नहीं की गई।
जालंधर (Jalandhar) के खुरला किंगरा इलाके में अमरजीत नामक शख्स ने Glenmore Greens नाम से रिहाइशी कालोनी विकसित की गई। नगर निगम ने MTP/4023 नंबर का लाइसेंस 25-05-2018 को जारी किया। लेकिन कालोनाइजर ने रिहाइशी कालोनी में फ्लैट बनाकर बिल्डिंग बायलाज का उल्लंघन किया। यही नहीं कलोनाइजर ने नगर निगम से कोई कंपलीशन सर्टिफिकेट भी नहीं लिया।

अमरजीत को निगम ने भेजा नोटिस
आरटीआई एक्टिविस्ट करणप्रीत सिंह की शिकायत के बाद नगर निगम ने 9 जुलाई 2025 को अमरजीत के नाम नोटिस निकाला। नोटिस में कहा गया है कि लेआउट प्लान के विपरीत निर्माण करवाया गया। निगम ने कालोनाइजर अमरजीत से कालोनी के सभी दस्तावेज मांगा है। इसके बाद कालोनाइजर ने एक चिट्ठी लिखकर 3 महीने की मोहलत मांगी है।
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जालंधर की Glenmore Greens कालोनी के मालिक ने कहा था कि 3 महीने में रिवाइज्ड प्लान जमा करवा कर के फीस भरेंगे, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी कालोनाइजर द्वारा न तो कोई फीस भरी गई और न ही कोई रिवाइज्ड प्लान जमा करवाया गया। हैरानी की बात तो यह है कि 7 साल तक इस कालोनी के खिलाफ नगर निगम ने कोई कार्ऱवाई ही नहीं की। इससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।

लोकपाल ने निगम अफसरों को किया तलब
बिल्डिंग बायलाज के जानकार बताते हैं कि नियमानुसार कालोनाइजर का लाइसैंस रद्द करके उसके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। इसके साथ ही साल 2018 से लेकर अब तक जिन एटीपी और इंस्पैक्टर की तैनाती इस इलाके में रही है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पंजाब के लोकपाल ने मामला तलब कर लिया है।

शिकायतकर्ता करणप्रीत सिंह ने कहा है कि लोकपाल ने इस मामले में एटीपी, एमटीपी और कमिश्नर को नोटिस भी जारी किया है। बावजूद इसके नगर निगम के अफसरों द्वारा कोई कार्ऱवाई नहीं की जा रही है। वहीं, इस संबंध में एटीपी विकास दुआ ने कहा है कि उन्हें कुछ दिन पहले इस इलाके का चार्ज मिला है, कालोनी के दस्तावेज देख कर ही कुछ बता सकेंगे।







