डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में एक व्यक्ति से धोखाधड़ी कर मकान बेचने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने अपने रिश्तेदार पर पिता की पुश्तैनी संपत्ति को धोखे से बेचने का आरोप लगाया है। इसे लेकर जांच की मांग की गई है।
हरियाणा के जिला अंबाला छावनी के वशिष्ट नगर के रहने वाले राकेश कुमार ने बताया कि जालंधर (Jalandhar) के रहने वाला चाचा ने उनके पुश्तैनी घर को धोखे से बेच दिया है जिसके चलते पिछले साल उसने मुख्यमंत्री और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर न्याय की मांग की थी।

पुश्तैनी घर बेचने का आरोप
उसने कहा था उसे अपने दादा और पिता की पुश्तैनी संपत्ति (जो विक्रमपुरा मोहल्ला जालंधर में है) से उसका बनता हिस्सा दिलाया जाए। राकेश कुमार ने शिकायती पत्र में लिखा था कि विक्रमपुरा स्थित मकान नंबर एन.डी 27 और एन.डी 160 में उसके दादा पूर्णचंद रहा करते थे जिनके 5 लड़के और 2 लड़कियां थीं।
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दादा की मृत्यु 1961 में हो गई परंतु वह संपत्ति बांटकर नहीं गए और उस पर उनके सभी पुत्रों का हिस्सा बरकरार रहा। राकेश कुमार ने बताया कि विक्रमपुरा में उनके पिता व उनके पिता के 2 भाई रहने लगे। पिता ने जब मकान में हिस्सा मांगा तो उनसे कहा गया कि उनके हिस्से वाला मकान किराए पर चढ़ा हुआ है और उसके बाद उनके पिता को मासिक रूप से किराया भी आने लगा।
डीसी से की गई शिकायत

2003 में पिता की हो गई थी मृत्यु
राकेश कुमार ने कहा कि उनके पिता की 2003 में मृत्यु गई परंतु इसी दौरान उनके चाचा तथा चाची ने दोनों में से एक मकान को बेच डाला। मकानों के रिकार्ड बारे जब पता किया गया तो सामने आया कि चाचा सरदारी लाल ने झूठा एफिडेविट देकर सारा इंतकाल अपने नाम करवा लिया और खुद को इकलौता पुत्र दिखा दिया।
यह एफिडेविट सुविधा सैंटर में दिया गया और एक नंबरदार ने उसे अटेस्ट भी किया। इसके बाद ही विरासत इंतकाल दर्ज किया गया। इस सारे मामले की जब जांच करवाई गई तो एस.डी.एम. ने जांच रिपोर्ट में साफ लिखा कि विरासत इंतकाल नंबर 27916 संबंधी अपील उच्चाधिकारी या सिविल अदालत में करने योग्य है।






