डेली संवाद, नई दिल्ली। Delhi Blast Live News Update Amit Shah PM Narendra Modi: दिल्ली ब्लास्ट की जांच अब NIA करेगी। गृह मंत्रालय ने दिल्ली कार ब्लास्ट के 20 घंटे बाद मामले की जांच NIA को सौंप दी है। कार में ब्लास्ट 10 नवंबर की शाम 6.52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुआ था। ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं।
दिल्ली (Delhi) ब्लास्ट में 20 घायलों का इलाज चल रहा है। दो शवों की पहचान हो गई है। बाकी की पहचान DNA टेस्ट से होगी। ब्लास्ट में जिस सफेद i20 कार का इस्तेमाल हुआ, उसका CCTV फुटेज मंगलवार को सामने आया। मेट्रो स्टेशन की पार्किंग से निकल रही कार में काला मास्क पहने एक शख्स बैठा दिखाई दिया।

उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया
पुलिस के मुताबिक, कार में बैठे शख्स का नाम डॉ. मोहम्मद उमर नबी था। वह पुलवामा का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया। उसके DNA टेस्ट के लिए कश्मीर पुलिस ने पुलवामा में उसकी मां और दो भाई को हिरासत में लिया है। पुलवामा से उसके दोस्त डॉ. सज्जाद और पिता को भी हिरासत में लिया गया है।
न्यूज एजेंसी PTI ने बताया कि पुलिस को शुरुआती जांच से पता चला है कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट है। पंजाब में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। मंदिर समेत भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सघन तलाशी चल रही है।

डॉ. शाहीन लखनऊ की रहने वाली है
वहीं, राजधानी दिल्ली के लाल किला के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार हुई जैश की महिला विंग हेड डॉ. शाहीन को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डॉ. शाहीन लखनऊ की रहने वाली है और गिरफ्तार किए गए आतंकी डॉ. मुजम्मिल की गर्लफ्रेंड भी है। एक दिन पहले सोमवार को उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया।
यह भी पढ़ें: जालंधर के अरमान अस्पताल में इलाज के दौरान मृत हुई टीचर के परिजनों को इंसाफ की दरकार
जांच में सामने आया कि डॉ. शाहीन जैश-ए-मोहम्मद के हेड मसूद अजहर की बहन सहीदा अजहर के संपर्क में थी। जांच में यह भी पता चला है कि उसी के इशारे पर भारत में जैश के लिए आतंक की महिला ब्रिगेड तैयार कर रही थी। वह जैश के जमात उल मोमिनात संगठन से जुड़ी हुई थी।
शाहीन आतंकी नेटवर्क का हिस्सा
जानकारी के मुताबिक लखनऊ की रहने वाली शाहीन फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी में काम करती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी मुजम्मिल की निशानदेही पर फरीदाबाद से की थी। इसी ने अपनी कार में AK-47 छिपाने की इजाजत दी थी। जांच में पता चला कि वह भी इसी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा थी।

52 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हुई
उधर, फरीदाबाद पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ. मुजम्मिल के साथ काम करने वाले छात्रों, प्रिंसिपल और फैकल्टी सदस्यों से पूछताछ की। 52 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। फरीदाबाद पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे आतंकी मॉड्यूल के बारे में पूछताछ कर रही है।
कौन है डा. शाहीन?
फरीदाबाद से डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ में उनके परिवार पर जैसे वज्रपात हो गया। लालबाग स्थित उनके आवास और डालीगंज में पुराने घर पर पुलिस की हलचल से पूरा इलाका चर्चा में है। शाहीन के पिता ने जब अपनी बेटी की गिरफ्तारी की खबर सुनी, तो पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ।
वे बार-बार यही कहते रहे – “मेरी बेटी डॉक्टर है, उसने जिंदगी लोगों की सेवा में लगाई, मुझे नहीं लगता वह किसी गलत काम में शामिल हो सकती है।” डॉक्टर शाहीन मूल रूप से लखनऊ के खंदारी बाजार स्थित मकान नंबर 121 में अपने परिवार के साथ रहती थीं। यही उनका पुश्तैनी घर है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि परिवार पढ़ा-लिखा और शांत स्वभाव का है।

शाहीन पढ़ाई में बहुत तेज थी
पिता रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जबकि बड़ा बेटा शोएब परिवार के साथ यहीं रहता है। पड़ोसी बताते हैं कि शाहीन कई साल पहले ही लखनऊ छोड़ चुकी थीं। वे पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के सिलसिले में फरीदाबाद चली गई थीं। कुछ साल पहले उनकी शादी महाराष्ट्र के एक युवक से हुई थी। तब से वे वहीं रह रही थीं।
पिता ने कहा, “शाहीन पढ़ाई में बहुत तेज थी। इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज से पास होने के बाद उसने कुछ समय दिल्ली में काम किया, फिर फरीदाबाद में स्थायी नौकरी मिल गई। वह हमेशा परिवार से जुड़ी रहती थी, लेकिन काम के कारण सालों से लखनऊ नहीं आ सकी।






