Punjab: पंजाब में कथित पत्रकारों और RTI एक्टिविस्ट के खिलाफ FIR दर्ज, फेसबुक पेज पर Live चलाने वाले सावधान

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह दावा किया कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान जापान और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक विदेश यात्रा पर थे, उस दौरान उनके हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था।

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Highlights
  • सीएम के हेलिकाप्टर के बारे में भ्रामक जानकारी दी
  • लुधियाना पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR
  • एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस जांच में जुटी
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डेली संवाद, चंडीगढ़/लुधियाना। Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के हेलिकॉप्टर के कथित दुरुपयोग को लेकर सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट समेत तथा कथित पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई गै।

जानकारी के मुताबिक पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) के हेलिकाप्टर को लेकर कुछ लोगों ने दुष्प्रचार किया था। जिससे कई व्यक्तियों और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि यह दुष्प्रचार जानबूझकर किया गया, जिससे न केवल जनता को गुमराह किया गया, बल्कि संवैधानिक संस्थानों की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।

CM Bhagwant Mann
CM Bhagwant Mann

SHO की शिकायत पर FIR दर्ज

पुलिस के मुताबिक यह FIR 12 दिसंबर को दर्ज की गई थी, लेकिन जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया था। शिकायत लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर सतबीर सिंह की ओर से दर्ज कराई गई है।

FIR के अनुसार, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह दावा किया कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान जापान और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक विदेश यात्रा पर थे, उस दौरान उनके हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। इस दावे को उड़ान-ट्रैकिंग डेटा के आधार पर फैलाया गया, लेकिन जांच में यह पूरी तरह से गलत और भ्रामक पाया गया।

CM bhagwant mann helicopter
CM bhagwant mann helicopter

हेलिकाप्टर की उड़ान की भ्रामक जानकारी

FIR में कहा गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट में उड़ान-ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या की गई। इसके साथ ही असंबंधित वीडियो और दृश्यों का चयनात्मक उपयोग कर भड़काऊ टिप्पणियां जोड़ी गईं, ताकि एक झूठी कहानी तैयार की जा सके। पुलिस के अनुसार, इस तरह की सामग्री का उद्देश्य केवल सनसनी फैलाना और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना था।

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पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जिन पोस्टों में हेलिकॉप्टर के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया गया, वे आधिकारिक रिकॉर्ड के विपरीत हैं। पंजाब के नागरिक उड्डयन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अवधि के दौरान हेलिकॉप्टर का उपयोग एक अधिकृत अधिकारी द्वारा किया गया था। यह उपयोग पूरी तरह से नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किया गया, न कि किसी अवैध या निजी उद्देश्य के लिए।

Punjab Police
Punjab Police File Photo

इन धाराओं में FIR दर्ज

FIR में कहा गया है कि इस तरह की भ्रामक और झूठी जानकारी फैलाने से जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी सामग्री से संवैधानिक संस्थानों में जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है, सरकारी कार्यप्रणाली बाधित हो सकती है और पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 353(1), 353(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और इसमें सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी।

सामग्री की प्रामाणिकता, सटीकता और स्रोत की जांच के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि इस कथित दुष्प्रचार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। FIR में इस बात की भी गुंजाइश रखी गई है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य साजिशकर्ता या सहयोगी की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Crime
Crime

इन लोगों के खिलाफ FIR

  • मिंटू गुरुसरिया
  • गगन रामगढ़िया
  • हरमन फार्मर
  • मनदीप मक्कड़
  • गुरलाल एस मान
  • सनाम्मू धालीवाल
  • आरटीआई एक्टिविस्ट माणिक गोयल
  • अर्जन लाइव
  • दीप मंगली
  • लोक आवाज टीवी

पुलिस जांच में जुटी

इन सभी सोशल मीडिया के हैंडलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन्हीं अकाउंट्स द्वारा अपलोड किए गए थे। पुलिस का कहना है कि इन सभी पोस्टों की भूमिका और मंशा की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद राज्य में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और गलत सूचनाओं को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को साझा न करें और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करें। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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