डेली संवाद, अमृतसर। Punjab: पंजाब की राजनीति में हलचल मचाने वाले 328 पावन स्वरूप मामले में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दरअसल, पुलिस ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व आंतरिक ऑडिटर और सुखबीर बादल के करीबी सतिंदर सिंह कोहली को अरेस्ट कर लिया है।

यह मामला 2020 से चर्चा में है, जब अकाल तख्त द्वारा गठित जांच समिति ने उनकी लापरवाही पकड़ी थी। हाल ही में पंजाब पुलिस ने FIR दर्ज की थी। इसको लेकर सीएम भगवंत मान ने भी SGPC पर सवाल उठाए थे। एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स फर्म को 2009 में SGPC ने आंतरिक ऑडिट, खातों के कंप्यूटरीकरण और नियंत्रण प्रणाली के लिए 3.5 लाख रुपए मासिक भुगतान किया जा रहा था।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि कोहली को चंडीगढ़ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे मामले में कोहली को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में यह पहली बड़ी गिरफ्तारी है। आने वाले समय में इस केस से जुड़े सभी आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
कोहली की कंपनी पर गबन का आरोप
अकाल तख्त द्वारा गठित जांच समिति की जांच रिपोर्ट में पाया गया था कि एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स फर्म ने केवल एक काम किया था और उसके लिए चार कामों के लिए भुगतान लिया। जिससे पावन स्वरूप के गबन रोकने में चूक हुई। 2020 में SGPC ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं और 75% भुगतान की वसूली का प्रस्ताव पारित किया था।

सुखबीर बादल से कनेक्शन
कोहली को सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Badal) का करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट माना जाता है, जो उनके निजी और SGPC खातों को संभालते रहे। 2003 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बादल परिवार के काले धन को सफेद करने के आरोप में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
क्या है 328 पावन स्वरूप का मामला?
328 पावन स्वरूपों का मामला अमृतसर से जुड़ा है, जहां गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के गुम होने और उनकी संभावित बेअदबी का आरोप लगा।
संगत की ओर से लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं कि इन स्वरूपों का सही रिकॉर्ड, संरक्षण और मर्यादा के अनुसार प्रबंधन नहीं किया गया। मामले की जांच के बाद कोतवाली थाना अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें एसजीपीसी के पूर्व चीफ सेक्रेटरी रूप सिंह सहित 16 लोगों को आरोपी बनाया गया।







