Jalandhar News: पिछले तीन वर्षों में मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का रोजगार नहीं दे पाई AAP सरकार- राजेश बाघा

विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (वी.बी.-जी आर.ए.एम. जी ऐक्ट 2025) के तहत ग्रामीण मजदूरों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा और यदि समय पर काम उपलब्ध नहीं कराया गया, तो बेरोजगारी भत्ता देने का पहले की तरह प्रावधान है।

Muskaan Dogra
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पिछले तीन वर्षों में मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का रोजगार नहीं दे पाई आप सरकार- राजेश बाघा
Highlights
  • 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा
  • बेरोजगारी भत्ता देने का पहले की तरह प्रावधान
  • मजदूरों को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही आप
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) जिला अध्यक्ष सुशील शर्मा की अध्यक्षता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश बाघा और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने महत्वपूर्ण विषय मनरेगा पर प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (वी.बी.-जी आर.ए.एम. जी ऐक्ट 2025) के तहत ग्रामीण मजदूरों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा और यदि समय पर काम उपलब्ध नहीं कराया गया, तो बेरोजगारी भत्ता देने का पहले की तरह प्रावधान है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जो कानून मजदूरों के हित में है, उसका विरोध मुख्यमंत्री भगवंत मान आखिर क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि पंजाब (Punjab) की आप सरकार मौजूदा मनरेगा कानून के तहत भी पिछले तीन वर्षों में मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है, लेकिन इस गंभीर विफलता पर मुख्यमंत्री पूरी तरह मौन हैं।

राज्य सरकार को काम देना अनिवार्य

उन्होंने ने बताया कि मनरेगा कानून के अनुसार, मजदूर द्वारा काम की मांग करने के 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार को काम देना अनिवार्य है। यदि काम उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो बेरोजगारी भत्ता देना होता है—लेकिन पंजाब सरकार न तो समय पर काम देती है और न ही बेरोजगारी भत्ता।

मनरेगा की धारा 25 के तहत ऐसी स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि प्रदेश के 23 जिलों में आज तक कहां-कहां कार्रवाई की गई है? उन्होंने आगे कहा कि अनुसूचित जाति के मजदूरों से जुड़े मामलों में एससी एक्ट के तहत कार्रवाई अनिवार्य है, लेकिन मुख्यमंत्री बताएं कि ऐसे कितने मामलों में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।

मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा

उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए अनिवार्य सोशल ऑडिट तक नहीं करवा रही है। वर्ष 2024-25 में 6,095 ग्राम पंचायतों और 2025-26 में 7,389 ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट नहीं कराया गया। उन्होंने बताया कि स्पेशल ऑडिट यूनिट द्वारा पकड़े गए भ्रष्टाचार के मामलों में से 3,986 मामलों पर अब तक पंजाब सरकार ने कोई एक्शन टेकन रिपोर्ट जारी नहीं की, जिससे साफ है कि भ्रष्टाचारियों को बचाया जा रहा है।

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इसके अलावा, लोकपाल/ओम्बड्सपर्सन द्वारा जांच के बाद दिए गए 2 करोड़ 35 लाख रुपये की रिकवरी के आदेशों को भी अब तक लागू नहीं किया गया, जो आप सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मनरेगा के तहत केंद्र द्वारा 23,446 करोड़ रुपये बकाया होने की झूठी बात कहकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार मनरेगा मामले में पंजाब की जनता को गुमराह कर रही है।

Harpal Singh Cheema
Harpal Singh Cheema

उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज पर स्थायी समिति (2024–2025) की रिपोर्ट के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। क्योंकि जिस रिपोर्ट के पहले पन्ने को हरपाल चीमा दिखा रहे हैं, उसी रिपोर्ट के अगले पन्ने पर स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2024–25 में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का किसी भी राज्य का कोई बकाया नहीं है। इस मौके भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील शर्मा, जिला महामंत्री राजेश कपूर, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल और जगबीर बराड़ उपस्थित थे।















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मुस्कान डोगरा, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे क्राइम, राजनीति और लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 4 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने हरियाणा के महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन की डिग्री हासिल की है।
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