Punjab News: लोकल बॉडी मंत्री का आदेश, 30 दिन में थानों से हटाए जाएंगे जब्त वाहन

पुलिस थानों तथा शहर की सीमाओं के अंदर स्थित अन्य सरकारी भूमियों पर मौजूद सभी स्क्रैप्ड, छोड़े गए, लावारिस और जब्त किए गए वाहनों को व्यवस्थित तरीके से हटाने तथा शहरी क्षेत्रों से बाहर निर्धारित यार्डों में स्थानांतरित करने के लिए व्यापक निर्देश जारी।

Daily Samvad
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Seized vehicles to be removed from police stations in Punjab
Punjab Government
Highlights
  • सालों से खड़े जब्त वाहनों पर सरकार सख्त
  • पंजाब सरकार ने तय की 30 दिन की डेडलाइन
  • नगर निगम के साथ मिलकर होगी कार्रवाई
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब सरकार ने स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा के नेतृत्व में पुलिस थानों तथा शहर की सीमाओं के अंदर स्थित अन्य सरकारी भूमियों पर मौजूद सभी स्क्रैप्ड, छोड़े गए, लावारिस और जब्त किए गए वाहनों को व्यवस्थित तरीके से हटाने तथा शहरी क्षेत्रों से बाहर निर्धारित यार्डों में स्थानांतरित करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।

यह निर्णायक कदम सरकार (Punjab Govt) के व्यापक शहरी शासन सुधारों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों की सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के सुचारू उपयोग को और बेहतर बनाना है।

Sanjeev Arora
Sanjeev Arora

30 दिनों के अंदर स्थानांतरित किए जाएंगे वाहन

मंत्री (Sanjeev Arora) ने बताया कि पुलिस थानों, ट्रैफिक पुलिस यार्डों, नगर पालिका की भूमियों तथा शहर की सड़कों के किनारे लंबे समय से खड़े ऐसे सभी वाहनों को 30 दिनों के अंदर शहर की सीमाओं से बाहर स्थित वाहन यार्डों में पहुंचा दिया जाएगा।

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पुलिस विभाग, नगर निगमों, ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को तुरंत सर्वेक्षण करने, विस्तृत सूची तैयार करने तथा इस आदेश की समयबद्ध तरीके से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संजीव अरोड़ा ने कहा कि शहर की सीमाओं के अंदर बड़ी संख्या में खड़े कंडम और जब्त किए गए वाहनों की मौजूदगी से कई नागरिक और प्रशासनिक चुनौतियां पैदा होती हैं।

निर्णय के कारण

पुराने वाहनों के धुएं से, बिजली के नुकसान और ज्वलनशील पदार्थों के कारण घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में कई गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न होती हैं। लावारिस या लंबे समय से छोड़े गए इन वाहनों में पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों और चूहों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है तथा जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

सरकारी स्थान का दुरुपयोग: पुलिस थानों के परिसर कार्यशील आवश्यकताओं, आपातकालीन वाहनों तथा जनता को सेवा प्रदान करने के लिए होते हैं – लंबे समय के लिए वाहन डंपिंग के लिए नहीं।

ट्रैफिक रुकावट और शहरी सौंदर्य: सड़कों के किनारे तथा सार्वजनिक स्थानों पर खड़े वाहन आवागमन में बाधा डालते हैं तथा शहर की सफाई और सुंदरता को नुकसान पहुंचाते हैं। खराब हालत वाले या पुराने वाहनों से तेल, रसायन और भारी धातुएं लीक होती हैं, जिससे मिट्टी और भूजल प्रदूषित होता है।

कानूनी और नियामक ढांचा

मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई मौजूदा कानूनी प्रावधानों पर आधारित है: मोटर वाहन अधिनियम, 1988 – लोगों द्वारा छोड़े गए और लावारिस वाहनों को हटाने तथा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 – खराब हालत वाले वाहनों की रजिस्ट्रेशन रद्द करने और डिस्पोज करने की तर्ज पर की जा रही है। इसके साथ ही कार्रवाई ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 – वाहनों सहित नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे के सुरक्षित प्रबंधन और निपटान के अधीन भी है।

पंजाब नगर निगम अधिनियम – कब्जे और जनता के खतरों को हटाने का अधिकार। सभी स्थानांतरित वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण नियमों की सख्त पालना करते हुए केवल अधिकृत वाहन स्क्रैप यार्डों तथा रीसाइक्लिंग सुविधाओं में भेजा जाएगा।

Municipal Corporation
Municipal Corporation

वाहन हटाने से पहले पालन की जाने वाली प्रक्रिया

सभी पहचाने गए वाहनों को टैग लगाए जाएंगे तथा उनकी फोटो खींची जाएगी। वाहनों पर नोटिस लगाए जाएंगे। यदि मालिकाना हक का पता लगाया जा सकेगा तो मालिकों को सूचित किया जाएगा तथा कानून अनुसार अपने वाहनों का दावा करने का अवसर दिया जाएगा। जब्त किए गए वाहनों को सभी अनिवार्य कानूनी दस्तावेज पूरे करने के बाद ही स्थानांतरित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी रूप में न्यायिक प्रक्रियाएं प्रभावित न हों।

संजीव अरोड़ा ने लोगों से इस शहरव्यापी सफाई तथा सुरक्षा मुहिम में सहयोग करने की अपील की। वाहन मालिकों से अपील की जाती है कि वे संबंधित पुलिस थानों तथा नगर निगम अधिकारियों से संपर्क करके अपने स्तर पर छोड़े गए वाहनों की स्थिति का पता लगाएं।

मंत्री ने आगे कहा, ‘‘यह पहल सुरक्षित, साफ-सुथरे तथा बेहतर ढंग से संगठित शहरों के प्रति हमारी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शहरी भूमि एक मूल्यवान सार्वजनिक संसाधन है तथा इसका उपयोग जनकल्याण के लिए कुशलतापूर्वक किया जाना चाहिए।’’

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मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
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