डेली संवाद, चंडीगढ़। Haryana News: हरियाणा रूरल रोड्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी और हरियाणा लोक निर्माण विभाग द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ मिलकर पंचकूला स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में वार्षिक रोड सेफ्टी सॉल्यूशन्स सेशन आयोजित किया गया।
पूरे भारत में मनाया जा रहा
यह सेशन राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” थीम के साथ पूरे भारत में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मंत्री श्री रणबीर गंगवा, पीडब्ल्यूडी बी एंड आर एवं पीएचईडी, हरियाणा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अनुराग अग्रवाल, आईएएस एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, लोक निर्माण, हरियाणा सरकार उपस्थित रहे।
आवश्यकता पर बल दिया
ज्ञान-विनिमय आधारित इस सेशन में हरियाणा (Haryana) तथा अन्य क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। चर्चा का फोकस ग्रामीण सड़कों, हाईवे, ब्लैकस्पॉट, स्कूल जोन एवं पैदल यातायात वाले व्यस्त कॉरिडोर में सुरक्षा समाधान विकसित करने पर रहा, जिसमें कम्यूटर विज़िबिलिटी बढ़ाने, दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों में कमी लाने तथा सरकारी एजेंसियों एवं विशेषज्ञ संस्थाओं के बीच तालमेल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
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कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं में राजीव यादव, ईआईसी रोड्स एवं सीईओ, HaRRIDA; अनिल कुमार दहिया, ईआईसी बिल्डिंग्स एवं एचओडी, पीडब्ल्यूडी हरियाणा; नवदीप असीजा, एडवाइज़र रोड सेफ्टी, पंजाब सरकार; स्वतंत्र कुमार, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट तथा विधेय राव, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट एवं जनरल मैनेजर, कैटलिन लिमिटेड शामिल रहे।
भारत में रोड मार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट सॉल्यूशन्स में अग्रणी कैटलिन लिमिटेड की विशेषज्ञ टीम ने रात में दृश्यता बढ़ाने, लेन अनुशासन सुनिश्चित करने, पैदल यात्रियों की सुरक्षा तथा दुर्घटना में कमी जैसे व्यावहारिक सुरक्षा नवाचारों का प्रेजेंटेशन दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रणबीर गंगवा (पीडब्ल्यूडी बी एंड आर) ने कहा, “सड़क सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी भी है। वाहनों की तेज वृद्धि व विविध यातायात वाले मार्गों में संरचित रोड सेफ्टी इंटरवेंशन की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। ऐसे सेशन नई तकनीक, विचार व साझेदारियों को समझने का माध्यम बनते हैं जो दुर्घटनाओं में कमी और जीवन बचाने में सहायक होंगे।”
सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी
पीडब्ल्यूडी हरियाणा के मुख्य अभियंता वाय.एम. मेहरा ने कहा, “सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। अधिकांश दुर्घटनाएं रोकी जा सकती हैं, इसलिए डिज़ाइन, मार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुरक्षा को समाहित करना अत्यंत जरूरी है। अनुशासित इंजीनियरिंग और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से हम मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं और सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बना सकते हैं।”
कैटलिन लिमिटेड के संस्थापक अमित ठट्टे ने कहा, “भारत सड़क सुरक्षा के एक महत्वपूर्ण बदलाव के मोड़ पर खड़ा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, सामग्री, व्यवहार और प्रवर्तन – सभी तत्व सुरक्षित यातायात प्रणाली के निर्माण में भूमिका निभाते हैं। हमें रोड सेफ्टी मंथ का हिस्सा बनने और उन सरकारी संस्थाओं के साथ सहयोग करने पर गर्व है जो सुरक्षित सड़कें और सुरक्षित समुदाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
नागरिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित
सेशन को ओम सेवा संस्थान (यमुनानगर), ओमनी फाउंडेशन (फरीदाबाद), ओजसवी फाउंडेशन (करनाल), आस फाउंडेशन (करनाल) और कम्मा फाउंडेशन (बहादुरगढ़) सहित कई स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग प्राप्त हुआ, जो इस दिशा में नागरिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाने हेतु एक रूपरेखा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां उच्च यात्री निर्भरता, तेजी से वाहन वृद्धि और मिश्रित यातायात परिस्थितियाँ मौजूद हैं। सेशन का समापन सहयोग मॉडल, मैदानी क्रियान्वयन और भविष्य की संभावित साझेदारियों पर चर्चा के साथ हुआ। उपस्थित प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय थीम “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” के अनुरूप सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की शपथ भी ली।








