डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने राज्य में बन रहे ग्रामीण खेल मैदानों की प्रगति और गुणवत्ता को लेकर सरकार के सख्त रुख को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पूरे राज्य में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशों की दलदल से निकालकर खेलों की ओर प्रेरित करना है।
विशेष फ्लाइंग स्क्वाड तैनात
बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री सौंद (Tarunpreet Singh Sond) ने बताया कि प्रोजेक्ट की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने तीन विशेष फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं। ये दल सरकार की ‘आंखें और कान’ के रूप में काम करेंगे और विभिन्न गांवों में जाकर जमीनी स्तर पर जांच करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी, जमीन पर काम की गुणवत्ता दिखनी अनिवार्य है।

उन्होंने आगे बताया कि खेल मैदानों की जमीनी रिपोर्ट के लिए हमने एक एमआइएस पोर्टल तैयार किया है, जिसमें संबंधित अधिकारी को विकास कार्य की हर 15 दिनों में फोटो और जियो टैगिंग के साथ रिपोर्ट भेजनी होगी। सिस्टम में सुधार का सख्त संदेश देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जहां भी झूठी रिपोर्टिंग या काम में लापरवाही पाई गई, वहां तुरंत कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है और कारण-बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह का राजनीतिक दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सौंद ने बताया कि पूरे पंजाब में एकसमान तकनीकी मानक लागू किए गए हैं। काम की निगरानी के लिए तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) के टेक्नो-फाइनेंशियल ऑडिट की मदद ली जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी पैसे की एक-एक पाई का हिसाब रखा जा रहा है ताकि ग्रामीण पंजाब को वर्ल्ड-क्लास आधारभूत ढांचा मिल सके। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में सरपंचों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय खेल क्लबों को भी महत्वपूर्ण हिस्सेदार बनाया गया है। मंत्री ने कहा कि ये सभी संस्थाएं इस प्रोजेक्ट में केवल दर्शक नहीं हैं, बल्कि हमारे साथी हैं जो गांव के विकास की निगरानी करेंगे।







