डेली संवाद, जालंधर। NIA Raid in Punjab: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पंजाब के तीन सीमावर्ती जिलों में आतंकवाद से जुड़े एक बड़े मामले की जांच को तेज करते हुए एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई वर्ष 2025 में अमृतसर के एक मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच के सिलसिले में की गई है।
एनआईए (NIA) के अनुसार यह रेड पंजाब के अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर जिलों में की गई। NIA ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान टीमों ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। इनमें कई मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, सिम कार्ड और अहम दस्तावेज शामिल हैं।

ग्रेनड हमला मामला
एजेंसी का कहना है कि इन डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच के बाद इस आतंकी साजिश से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की संभावना है। यह मामला 14 मार्च 2025 की रात का है, जब अमृतसर के शेर शाह रोड, खांडवाला स्थित ठाकुरद्वारा सनातन मंदिर के बाहर जोरदार विस्फोट हुआ था।
शुरुआती जांच में इसे सामान्य विस्फोट माना गया, लेकिन बाद में NIA की जांच में यह साफ हुआ कि यह एक सुनियोजित ग्रेनेड हमला था। इस हमले का मकसद पंजाब में दहशत फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना था।
मंदिर पर ग्रेनेड फेंकने का काम
NIA की जांच में यह भी सामने आया कि यह हमला किसी स्थानीय घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि इसके तार विदेशों में बैठे आतंकवादी हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। ये हैंडलर्स भारत में युवाओं को भर्ती करने, उन्हें कट्टरपंथी बनाने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड मुहैया कराने का काम कर रहे थे।
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जांच एजेंसी के मुताबिक मंदिर पर ग्रेनेड फेंकने का काम विशाल और गुरसिदक नामक दो आरोपियों ने किया था। इनमें से विशाल फिलहाल NIA की गिरफ्त में है, जबकि दूसरा आरोपी गुरसिदक मुठभेड़ या अन्य कारणों से मारा जा चुका है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन दोनों आरोपियों को विस्फोटक सामग्री बटाला के कादियां निवासी शरणजीत कुमार ने उपलब्ध कराई थी।
झारखंड और बिहार में छिप गया
शरणजीत वारदात के बाद पंजाब से फरार होकर झारखंड और बिहार में छिप गया था। NIA ने उसे सितंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच में और तेजी आई। शरणजीत की निशानदेही पर गुरदासपुर जिले से तीन हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल भी बरामद की गई थी, जिससे इस आतंकी नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
NIA का कहना है कि हालिया छापेमारी का उद्देश्य इस मामले से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर्स, फंडिंग चैनल और विदेशी हैंडलर्स से जुड़े लिंक को उजागर करना है। एजेंसी को उम्मीद है कि जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों से इस आतंकी साजिश के और गहरे तार सामने आएंगे।
आतंक के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
NIA ने साफ किया है कि विदेशों से संचालित हो रहे आतंकी मॉड्यूल्स को जड़ से खत्म करने के लिए उसका अभियान लगातार जारी रहेगा। देश की सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की जान की रक्षा एजेंसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि NIA की यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब पंजाब सरकार भी राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ “ऑपरेशन प्रहार” चला रही है। सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई से पंजाब में आतंकी और आपराधिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।









