डेली संवाद, फतेहगढ़ साहिब। Punjab: गणतंत्र दिवस से ठीक 48 घंटे पहले पंजाब (Punjab) के फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद क्षेत्र में रेलवे लाइन पर हुए एक जोरदार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस धमाके में एक मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि इंजन चालक घायल हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धमाका बेहद शक्तिशाली था और इसमें विस्फोटक सामग्री, संभवतः आरडीएक्स, के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। यह घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे उस समय हुई, जब एक मालगाड़ी नई बिछाई गई रेलवे लाइन से होकर गुजर रही थी।

12 फीट हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त
यह रेल लाइन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) का हिस्सा है, जिसे विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए विकसित किया गया है। जैसे ही मालगाड़ी सरहिंद के खानपुर फाटकों के पास पहुंची, अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेलवे लाइन का लगभग 12 फीट हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। रेलवे ट्रैक के साथ-साथ कंक्रीट स्लीपर भी टूटकर बिखर गए।
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धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण दहशत में घरों से बाहर निकल आए। इस हादसे में मालगाड़ी के इंजन चालक को चोटें आई हैं। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार चालक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं।

ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू
रेलवे की तकनीकी टीमों ने रात में ही ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू कर दिया ताकि माल परिवहन जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। वहीं पुलिस और जांच एजेंसियों ने इलाके को सील कर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों ने धमाके की पुष्टि तो की है, लेकिन अभी इसके कारणों पर कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है। मामले की जांच सभी संभावित एंगल से की जा रही है, जिसमें साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
यह हादसा देश की महत्वपूर्ण डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना पर हुआ है, जिसे कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के तहत विकसित किया जा रहा है। भारत में कुल 3,306 किलोमीटर लंबे दो प्रमुख डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर—पूर्वी और पश्चिमी—का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य माल ढुलाई को तेज करना और यात्री ट्रेनों पर दबाव कम करना है।
निर्माण कार्य तेजी से चल रहा
पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लुधियाना (पंजाब) से दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक फैला हुआ है, जबकि पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दादरी (उत्तर प्रदेश) से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (मुंबई) तक जाता है। रेलवे के अनुसार, भविष्य में 70 प्रतिशत से अधिक मालगाड़ियां इन्हीं गलियारों पर संचालित की जाएंगी।
अब तक इस परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गणतंत्र दिवस से पहले हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच एजेंसियां धमाके के पीछे की सच्चाई का पता लगाने में जुटी हुई हैं।







