डेली संवाद, नई दिल्ली। Padma Awards 2026: साल 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों के ऐलान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साहित्य, शिक्षा, सामाजिक सेवा, चिकित्सा, कला और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले देशभर के नागरिकों को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा। हालांकि पद्म पुरस्कार विजेताओं की आधिकारिक सूची केंद्र सरकार की ओर से 25 जनवरी की शाम को जारी की जाएगी, लेकिन इससे पहले सामने आई सूची ने कई गुमनाम नायकों को पहचान दिलाई है।
सूची के अनुसार चिरंजी लाल यादव, धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, बुधरी ताती और चरण हेम्ब्रम को ‘गुमनाम नायक’ की श्रेणी में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन लोगों ने बिना किसी प्रचार के समाज सेवा को अपना जीवन समर्पित किया और अपने-अपने क्षेत्रों में स्थायी बदलाव लाने का काम किया।
देशभर से चुने गए पद्मश्री विजेता
पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में अंके गौड़ा, आर्मिडा फर्नांडीज, भगवानदास रायकवार, भिकल्या लाडक्या ढिंडा, बृज लाल भट्ट, बुधरी ताती, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव, धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, गफरूद्दीन मेवाती जोगी, हैली वार, इंद्रजीत सिंह सिद्धू, के पजानिवेल, कैलाश चंद्र पंत, खेम राज सुंदरियाल, कोल्लाक्कयिल देवकी अम्मा जी।
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कुमारसामी थंगराज, महेंद्र कुमार मिश्र, मीर हाजीभाई कासमभाई, मोहन नगर, नरेश चंद्र देव वर्मा, नीलेश विनोदचंद्र मांडलेवाला, नूरुद्दीन अहमद, ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन, पद्मा गुरमेत, पोखिला लेकथेपी, पुन्नियामूर्ति नटेसन, आर कृष्णन, रघुपत सिंह, रघुवीर तुकाराम खेडकर, राजस्तपति कलियप्पा गौंडर, रामा रेड्डी ममिदी, रामचन्द्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले सहित कई नाम शामिल हैं।
संघर्षों से भरी रही जीवन यात्रा
इन पुरस्कार विजेताओं की खास बात यह है कि इनमें से कई लोगों ने निजी जीवन में गंभीर कठिनाइयों और अभावों का सामना किया।
बावजूद इसके उन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज सेवा को प्राथमिकता दी। इनमें हाशिये पर पड़े पिछड़े और दलित समुदायों, आदिम जनजातियों और देश के दूरदराज व दुर्गम इलाकों से आने वाले लोग भी शामिल हैं।
शांत सेवा, लेकिन गहरा असर
पद्म पुरस्कार 2026 की यह सूची इस बात का प्रमाण है कि समाज में बदलाव लाने के लिए नाम या मंच की नहीं, बल्कि निरंतर और निस्वार्थ सेवा की जरूरत होती है। ये गुमनाम नायक अपनी शांत मेहनत के जरिए देश के लिए प्रेरणा बने हैं।केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक सूची जारी होने के साथ ही पद्म पुरस्कार 2026 की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।










