डेली संवाद, जालंधर। Punjab News: पंजाब के बंगा निवासी और हाई-प्रोफाइल ड्रग तस्कर राजा कंदोला की मुंबई में हार्ट अटैक से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि राजा कंदोला को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही पंजाब के पुलिस और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई।
राजा कंदोला का असली नाम रणजीत सिंह था और वह पंजाब (Punjab) के सबसे चर्चित ड्रग तस्करों में गिना जाता था। वह नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर) जिले के बंगा का रहने वाला था। ड्रग तस्करी की दुनिया में उसने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क खड़ा किया था और इसी वजह से वह लंबे समय तक कानून एजेंसियों के निशाने पर रहा।
कौन था रणजीत उर्फ राजा कंदोला?
कुछ समय अमेरिका और जिम्बाब्वे जैसे देशों में रहने के बाद उसने पंजाब लौटकर खुद को एक बड़े फार्महाउस मालिक और कारोबारी के रूप में स्थापित किया। राजा कंदोला पहली बार जून 2012 में सुर्खियों में आया था, जब पंजाब पुलिस ने करीब 200 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया था। इस मामले में वह फरार होकर दिल्ली चला गया था, लेकिन अगस्त 2012 में उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।
ह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी
बाद में उसे “आइस मैन” के नाम से पहचान मिली, क्योंकि वह आइस ड्रग यानी क्रिस्टल मेथ (मेथमफेटामाइन) की तस्करी का मास्टरमाइंड माना जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह दिल्ली और पंजाब में अवैध लैब चलाकर ड्रग तैयार करता और उसे विदेशों तक सप्लाई करता था।

ड्रग केस में 15 साल की सजा मिल चुकी
ड्रग तस्करी के मामलों में राजा कंदोला के साथ उसकी पत्नी रजवंत कौर और बेटे बाली सिंह का नाम भी सामने आया था। पत्नी रजवंत कौर को भी सजा सुनाई गई थी। अगस्त 2024 में जालंधर की विशेष पीएमएलए अदालत ने ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजा कंदोला को 9 साल की कैद और उसकी पत्नी को 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा दिल्ली के एक ड्रग केस में उसे 15 साल की सजा भी मिल चुकी थी।
राजा कंदोला का नाम जगदीश भोला ड्रग केस में भी सामने आया था। सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद वह परिवार के साथ मुंबई में रह रहा था। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि वह कुछ समय से बीमार चल रहा था। उसकी मौत के बाद शव को मुंबई स्थित आवास पर ले जाया गया है और अंतिम संस्कार भी वहीं किए जाने की संभावना है।









