डेली संवाद, चंडीगढ़/लुधियाना/जालंधर। GST Scam in Punjab: पंजाब के कर विभाग द्वारा 28 जनवरी को स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिटों (एस.आई.पी.यूज़.) के सभी विंगों के माध्यम से एक विशेष राज्य स्तरीय प्रवर्तन अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई जीएसटी के सख्त अनुपालन और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के प्रति विभाग की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब (Punjab) के आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने बताया कि पूरे राज्य में व्यापक जांच के दौरान 141 वाहनों को जब्त किया गया है। इनमें से अधिकांश वाहन लोहे और स्टील व्यापार के प्रमुख केंद्र मंडी गोबिंदगढ़ (Mandi Gobindgarh) और लुधियाना (Ludhiana) में रोके गए हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अधिकांश वाहनों में लोहे और स्टील का सामान ढोया जा रहा था, जिन पर बिना चालान के ढुलाई, जीएसटी (GST) नियमों का दुरुपयोग और गलत ई-वे बिलों (E Bill) के माध्यम से कर चोरी का संदेह है।

लोहा, स्क्रैप और स्टील की गाड़ियों की चेकिंग
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह अभियान जनवरी 2026 में शुरू की गई प्रवर्तन मुहिम पर आधारित है, जिसके तहत विश्वसनीय गुप्त जानकारी के आधार पर उच्च जोखिम वाले लोहे और स्टील क्षेत्र को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि चालान के बिना माल की ढुलाई, जाली फर्में, जाली बिलिंग और ई-वे बिलों में हेराफेरी के माध्यम से बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा हुआ है। इसलिए एस.आई.पी.यूज़. को लोहे के स्क्रैप, तैयार लोहे और स्टील के सामान तथा अन्य उच्च जोखिम वाली वस्तुओं के संबंध में नियमों के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जनवरी में किए गए निरंतर प्रयासों के कारण पूरे राज्य में 793 वाहनों को जब्त किया गया है। इनमें से 538 वाहनों में लोहे का स्क्रैप और तैयार लोहा/स्टील का सामान था, जबकि बाकी में अन्य सामग्री का परिवहन हो रहा था। इन कार्रवाइयों से 667 मामलों में 14.84 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने आगे बताया कि 28 जनवरी तक 187 अन्य मामले जांच के अधीन हैं और आगे और बरामदगी होने की उम्मीद है।
GST चोरी पर बड़ा खुलासा
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विभाग का सक्रिय और गुप्त जानकारी के आधार पर कार्रवाई करने वाला दृष्टिकोण जीएसटी (GST) नियमों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करता है, कर चोरी को रोकता है और ईमानदार करदाताओं के लिए समान अवसर प्रदान करता है। विभाग द्वारा राजस्व की सुरक्षा, नियमों के स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने और जीएसटी प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लक्षित अभियान जारी रहेंगे।

जालंधर का ट्रांसपोर्टर है मास्टरमाइंड
उधर, सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए वाहनों में से सबसे ज्यादा जालंधर के ट्रांसपोर्टर का है। पंजाब (Punjab) के जालंधर (Jalandhar), लुधियाना (Ludhiana) औऱ मंडी गोबिंदगढ़ (Mandi Gobindgarh) के तीन बड़े पासर व ट्रांसपोर्टर हर रोज पंजाब सरकार औऱ केंद्र सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं। इसमें जालंधर के फोकल प्वाइंट में स्थित दो ट्रांसपोर्टर और दानामंडी का एक ट्रांसपोर्टर रोज लाखों रुपए के बिल की चोरी करते हैं।
जीएसटी (GST) अफसरों के मुताबिक फोकल प्वाइंट में K नाम का ट्रांसपोर्टर, R नाम का ट्रांसपोर्टर और दानामंडी का G नाम का ट्रांसपोर्टर करोड़ों रुपए की GST चोरी करवा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों की कई गाड़ियों की चेकिंग हुई है। जिसमें जीएसटी बिल की गड़बड़ी पकड़ी गई है। सूत्रों के मुताबिक ये ट्रांसपोर्ट कंपनियां शहर के चुनिंदा कारोबारियों के माल एक शहर से दूसरे शहर में बिना बिल के भिजवाते हैं।

ऐसे करते हैं जीएसटी चोरी
जिससे शहर के कुछ चुनिंदा कारोबारी 18 फीसदी से लेकर 28 फीसदी तक जीएसटी (GST) की चोरी करते हैं। इसमें स्क्रैप, तांबा, पीतल, सिगरेट, तंबाकू, हैंड टूल्स को लोड कर टनों के हिसाब से बिना बिल के जालंधर, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, हिमाचल प्रदेश में भेजा जाता है। जिससे सरकार को रोज लाखों रुपए का राजस्व का नुकसान हो रहा है।
फोकल प्वाइंट के एक ट्रांसपोर्टर ने बातचीत में बताया कि वे लोग ई बिल निकालते हैं। ई-बिल 24 घंटे के लिए मान्य होता है। उनकी जीएसटी (GST) अफसरों के साथ सैंटिंग है। जालंधर से कई टन स्क्रैप लेकर मंडी गोबिंदगढ़ जाते हैं। चार घंटे में हो मंडी गोबिंदगढ़ पहुंच जाते हैं। रास्ते में ई-बिल चैक नहीं होता है। मंडी गोबिंदगढ़ में स्क्रैप को अनलोड हो जाता है। इसके बाद ई-बिल को कैंसिल कर दिया जाता है। इस तरह लाखों की जीएसटी चोरी होती है।










