डेली संवाद, शिमला/मनाली। Himachal Weather News Update: हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान हुई बारिश और भारी हिमपात ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई क्षेत्रों में दिन और रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 885 सड़कें बंद हो गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अधिकतम तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जिससे ठंड ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि बजौरा में अधिकतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

तापमान में भारी गिरावट
मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मनाली (Manali), केलंग, ताबो, नारकंडा, कुफरी, कल्पा और रिकांगपिओ में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है। राजधानी शिमला (Shimla) में भी न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात हुआ है। अटल टनल रोहतांग के दोनों छोर पर करीब तीन फीट बर्फ जमी है, जबकि लाहुल घाटी में दो से तीन फीट तक हिमपात दर्ज किया गया है। मनाली में एक फीट और सोलंगनाला में करीब ढाई फीट बर्फ गिरने से यातायात और पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप
हिमाचल (Himachal Pradesh) के शिमला में मंगलवार रात करीब तीन इंच हिमपात हुआ, जिसके चलते ऊपरी शिमला के लिए प्रशासन को शाम के समय ही कुछ वाहनों को रवाना करना पड़ा। सराज घाटी में भारी हिमपात के कारण सड़कें बाधित हो गई हैं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
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वहीं धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं पर भी अच्छी खासी बर्फबारी दर्ज की गई है। लाहुल-स्पीति जिला प्रशासन ने हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। हिमपात और वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिमला जिले के खदराला में सर्वाधिक 41 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है।
15 सेंटीमीटर हिमपात दर्ज
लाहुल-स्पीति के गोंदला में 36, संधोल में 31, कुकुमसेरी और मनाली में 28-28, कल्पा और शिलारू में 17-17 तथा केलंग में 15 सेंटीमीटर हिमपात दर्ज किया गया। निचले क्षेत्रों में मंगलवार रात गरज के साथ बारिश हुई, जिससे ठंड और बढ़ गई।
भारी वर्षा और हिमपात के चलते प्रदेश में चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 885 सड़कें बंद हो गई हैं। भुंतर में 55, सेऊबाग में 47, बिलासपुर, गोहर, श्रीनयनादेवी जी और कसौली में 45-45, सुंदरनगर, सलापड़, चुवाड़ी और पंडोह में 42-42, जोगेंद्रनगर में 40 और सोलन में 39 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। 3237 ट्रांसफार्मर ठप होने से बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है, जबकि 121 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी हैं।
45.71 करोड़ रुपये का नुकसान
आपदा से प्रदेश को अब तक 45.71 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं लोक निर्माण विभाग को 40.18 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है। खराब मौसम को देखते हुए मनाली उपमंडल और लाहुल-स्पीति जिले में 29 जनवरी को सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
उधर, मंगलवार शाम मनाली में भारी हिमपात के कारण रांगड़ी और सोलंगनाला क्षेत्र में सैकड़ों पर्यटक वाहन फंस गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया और आधी रात तक फंसे पर्यटकों को सुरक्षित उनके होटलों तक पहुंचाया। सोलंगनाला की ओर गए करीब 400 पर्यटक वाहन नाग मंदिर के पास फंस गए थे, जिन्हें घंटों की मशक्कत के बाद निकाला गया।
हिमपात का सिलसिला जारी
सभी वाहन फोर-बाय-फोर होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 30 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे तीन फरवरी तक प्रदेश में बारिश और हिमपात का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।











