डेली संवाद, नई दिल्ली। Budget LIVE Nirmala Sitharaman Budget 2026 Speech Income Tax Announcements Update: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का रोडमैप रखा। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष का यह बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है और यह तीन मुख्य कर्तव्यों—रफ्तार, क्षमता और सबका साथ—पर आधारित है।
सरकार के आर्थिक विजन के लिहाज से इस बजट को एक और निर्णायक कदम माना जा रहा है। बजट सत्र के दौरान टैक्सपेयर्स, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स, एमएसएमई सेक्टर और शेयर बाजार की निगाहें सरकार की घोषणाओं पर टिकी रहीं। वित्त मंत्री ने बुनियादी ढांचे, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, टेक्सटाइल, सेमीकंडक्टर, रेलवे और शहरी विकास जैसे अहम क्षेत्रों में बड़े निवेश का ऐलान किया।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर ऐतिहासिक निवेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश से रोजगार सृजन, आर्थिक गतिविधियों में तेजी और निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे सेक्टर के तहत देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई और सिलीगुड़ी-वाराणसी जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं। इसके अलावा कार्गो परिवहन के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने की भी योजना है।
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पश्चिम बंगाल के डानकुनी से सूरत तक पोर्ट कनेक्टिविटी के लिए नया फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। सरकार ने इंटरनल वाटरवेज को मजबूत करने के लिए वाराणसी और पटना को विकसित करने और जलमार्गों के उपयोग को बढ़ावा देने की भी घोषणा की।

मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर फोकस
बजट में रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM 2.0) लॉन्च करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग, इंडियन आईपी और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करना है।
इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए बजट आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और हाई-टेक उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में डेडिकेटेड मिनरल पार्क और विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे खनिज संपन्न राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा।
टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा नया जीवन
वित्त मंत्री सीतारमण ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा की। नेशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर और एडवांस्ड फाइबर पर फोकस किया जाएगा। इसके साथ ही नेशनल हैंडलूम पॉलिसी के जरिए कारीगरों को तकनीकी और मार्केटिंग सहायता दी जाएगी।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के तहत खादी उत्पादन, प्रशिक्षण और विपणन को बढ़ावा मिलेगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना को और मजबूत किया जाएगा।

हेल्थकेयर और आयुष सेक्टर में बड़े ऐलान
स्वास्थ्य क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खोले जाएंगे। अगले पांच वर्षों में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे और 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए तीन नए आयुर्वेद एम्स बनाए जाएंगे। आयुर्वेदिक दवाइयों की जांच के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी और जामनगर में डब्ल्यूएचओ ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर विकसित किया जाएगा। उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
एमएसएमई और रोजगार सृजन
छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड’ की घोषणा की गई है। माइक्रो इंटरप्राइजेज के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट देने हेतु ट्रांजेक्शन सैटलमेंट प्रोग्राम और क्रेडिट गारंटी मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा।
सरकार ने प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट के लिए शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स डिजाइन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि टियर-2 और टियर-3 शहरों तक ट्रेनिंग पहुंचाई जा सके।
शहरी विकास और रियल एस्टेट
पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और प्राइवेट डेवलपर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड बनाया जाएगा, जिसमें सरकार आंशिक गारंटी देगी।

अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई पर नियंत्रण रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा में सुधार हुआ है, जिससे आयात पर निर्भरता घटी है।
उन्होंने बताया कि भारत 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे गरीबी घटाने में मदद मिली है। वैश्विक स्तर पर व्यापार और सप्लाई चेन में चुनौतियों के बावजूद सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही है।
तीन कर्तव्य, एक विजन
वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट के तीन मुख्य कर्तव्य हैं—आर्थिक विकास को गति देना, लोगों की क्षमता को निखारना और सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत के तहत सभी को अवसर उपलब्ध कराना। उन्होंने भरोसा जताया कि यह बजट भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और बायो-फार्मा हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।







