डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के मेयर वनीत धीर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। ये कार्रवाई उन कालोनाइजर्स और लैंड डेवलपर्स के खिलाफ होने जा रही है, जिन्होंने कालोनी पास करवाने के नाम पर पहली किश्त जमा करने के बाद आज तक उक्त कालोनी की डेवलपमेंट फीस नगर निगम के खजाने में जमा ही नहीं करवाई है। ये रकम करोड़ों रुपए में बनती है। मेयर वनीत धीर (Mayor Vineet Dhir) ने इसकी जिम्मेदारी दोनों एमटीपी को सौंपी है। जिससे शहर के करीब 120 कालोनियों के मालिकों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
जालंधर (Jalandhar) नगर निगम (Municipal Corporation) बकाएदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है। इनमें सबसे बड़े डिफाल्टर शहर के बड़े कालोनाइजर और बिल्डर्स हैं। मेयर वनीत धीर (Mayor Vineet Dhir) के आदेश के बाद कमिश्नर संदीप ऋषि से इन कालोनाइजरों की लिस्ट तैयार करवाई है। जिसमें 120 कालोनियों के मालिकों का नाम शामिल है। इन 120 कालोनियों के मालिकों के खिलाफ नगर निगम एफआईआर दर्ज करवाने जा रहा है। क्योंकि इन कालोनाइजरों ने साल 2013 से फीस ही नहीं जमा करवाई है।

120 कालोनियों ने लगाया चूना
जानकारी के मुताबिक शहर में 120 कालोनियां ऐसी हैं, जिनको पास करवाने के नाम पर कालोनाइर ने कुछ रकम जमा करवा दी, लेकिन बाकी रकम 13 सालों में भी जमा नहीं करवाई। मेयर वनीत धीर (Mayor Vineet Dhir) के आदेश के बाद इन कालोनाइजरों के लिस्ट तैयार की गई है। इन कालोनाइजरों को ब्याज समेत सभी रकम नगर निगम के खजाने में जमा करवानी होगी। अगर रकम नहीं जमा करवाई गई तो इनके खिलाफ सीधे एफआईआऱ दर्ज होगी।
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मेयर वनीत धीर ने (Mayor Vineet Dhir) बताया कि नगर निगम के खजाने में करोड़ों रुपए जमा होंगे। इसके लिए बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। एमटीपी इकबालप्रीत सिंह रंधावा और एमटीपी मेहरबान सिंह को आदेश दिया गया है कि जिन कालोनाइजरों ने पूरी रकम नहीं जमा करवाई है, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करें। इन कालोनाइजरों में शहर के प्रमुख नेता, बिजनेसमैन और कई बड़ी हस्तियां शामिल है।

13 साल से फीस क्यों नहीं जमा हुई
सबसे बड़ा सवाल है कि साल 2013 से लेकर अब तक यानी 13 साल के अंतराल में इन कालोनाइजरों पर नगर निगम के ही कुछ अफसर दरियादिली दिखा रहे हैं। जिससे 13 साल से करोड़ों रुपए नगर निगम में जमा ही नहीं करवाए गए। जब मेयर वनीत धीर को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने तत्काल निगम कमिश्नर संदीप ऋषि को बकाएदारों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने को कहा है।
सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इन कालोनियों में कई वे कालोनियां भी शामिल हैं, जिनके कालोनाइजरों ने प्लाट बेच चुके हैं। यहां कई घर और कोठियां बन गई हैं। मेयर वनीत धीर ने साफ कहा है कि बकाया रकम कालोनाइजर से वसूल किया जाएगा, इसके लिए एफआईआर और गिरफ्तारी भी करवाई जाएगी। (अगली खबर में पढ़ें 120 कालोनियों और उनके मालिकों के नाम)











