डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल ऑफिस ने निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली कंपनी मेसर्स नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्तियां बैंकों को वापस सौंप दी हैं। यह कार्रवाई विशेष PMLA अदालत के आदेश पर की गई है।
ED द्वारा लौटाई गई संपत्तियों का सरकारी मूल्य करीब 20.21 करोड़ रुपये है, जबकि इनका मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 50 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। ये सभी संपत्तियां पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित व्यावसायिक परिसंपत्तियां हैं।

कई बेनामी संपत्तियां भी खड़ी की
ED की यह जांच पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई FIR के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी नीरज अरोड़ा और उसकी कंपनी ने निवेशकों को जमीन देने का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये जुटाए। इसके बाद न तो निवेशकों को जमीन दी गई और न ही उनकी रकम लौटाई गई।
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जांच एजेंसी के अनुसार, निवेशकों से एकत्र की गई राशि का इस्तेमाल आरोपी ने अपने निजी खर्चों और अपने व कंपनी के नाम पर संपत्तियां खरीदने में किया। इसके अलावा, धोखाधड़ी की रकम से कई बेनामी संपत्तियां भी खड़ी की गईं।

मामले में आगे की जांच अभी जारी
जांच के दौरान ED ने पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में करीब 46.02 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। मामले में मुख्य आरोपी नीरज थतई को 8 अक्टूबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
6 फरवरी 2026 को मोहाली स्थित विशेष PMLA अदालत ने आदेश दिया कि कुर्क की गई संपत्तियां बैंकों को वापस सौंपी जाएं, ताकि निवेशकों और वित्तीय संस्थानों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। ED ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









