Punjab News: लाहौर के एचिसन गुरुद्वारा साहिब में 80 वर्षों बाद सिख अरदास और शबद कीर्तन आयोजित

Daily Samvad
3 Min Read
Shabad Kirtan held at Aitchison Gurdwara Sahib in Lahore
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: लाहौर के मॉल रोड स्थित एचिसन कॉलेज परिसर में बने पुरातन गुरुद्वारा साहिब में शुक्रवार, 13 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक सिख शबद कीर्तन आयोजित हुआ व अरदास की गई। इस गरिमामय अवसर पर पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा सहित स्थानीय सिख संगत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

यह जानकारी देते हुए डॉ. तरुणजीत सिंह बुतालिया, जिन्होंने कॉलेज प्रशासन के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया, ने बताया कि स्थानीय रागी जत्थे में शामिल हरविंदर सिंह, अक्षयदीप सिंह और दलीप सिंह ने गुरबाणी के पवित्र शबदों का कीर्तन श्रवण किया।

Shabad Kirtan held at Aitchison Gurdwara Sahib in Lahore
Shabad Kirtan held at Aitchison Gurdwara Sahib in Lahore

सिख शबद कीर्तन आयोजित हुआ व अरदास की

उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 1947 के बाद सिख विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण यह गुरुद्वारा साहिब बंद हो गया था परंतु इसकी देखरेख कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार की जाती रही। यह विशेष शबद कीर्तन कॉलेज की 140वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

यह भी पढ़ें: जालंधर में 130.50 करोड़ का GST घोटाला बेनकाब, शहर का प्रमुख कारोबारी गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि इस कॉलेज की आधारशिला 3 नवंबर 1886 को अविभाजित पंजाब के शाही और प्रमुख परिवारों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से रखी गई थी। अभिलेखों के अनुसार एचिसन गुरुद्वारा साहिब का डिज़ाइन तत्कालीन मेयो स्कूल ऑफ आर्ट्स (वर्तमान नेशनल कॉलेज ऑफ आर्ट्स) के प्रसिद्ध सिख वास्तुकार सरदार राम सिंह ने तैयार किया था।

ये रहे मौजूद

डॉ. बुतालिया ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब की आधारशिला वर्ष 1910 में पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह ने रखी थी। वे स्वयं 1904 से 1908 तक इस कॉलेज के छात्र रहे थे। अगले दो वर्षों में इस गुरुद्वारा भवन का निर्माण पूरा हुआ और इसे एक सक्रिय प्रार्थना स्थल के रूप में समर्पित किया गया जहाँ सिख विद्यार्थी प्रतिदिन सायंकालीन अरदास में भाग लेते थे।

वर्तमान में एचिसन कॉलेज के लगभग 15 सिख पूर्व छात्र भारत में निवास कर रहे हैं। उनसे हुई बातचीत में उन्होंने काले और सफेद संगमरमर की फर्श तथा किले जैसी आंतरिक वास्तुकला वाले गुरुद्वारा की यादों को भावुकता से साझा किया। गुरुद्वारा के अतिरिक्त कॉलेज परिसर में विभाजन-पूर्व काल की एक मस्जिद और एक हिंदू मंदिर भी मौजूद है।



















Share This Article
Follow:
मानसी जायसवाल, डेली संवाद ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। वे लोकल खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। वह 5 सालों से अधिक समय से Daily Samvad (Digital) में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत डेली संवाद से की। उन्होंने पंजाब के जालंधर के खालसा कालेज से एमए की डिग्री हासिल की है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *