डेली संवाद, मोहाली। Punjab Donkey Route News: पंजाब से अमेरिका (US) में बसने की इच्छा मौत बन रही है। खासकर डंकी रूट (Donkey Route) से अमेरिका (US) जाने वाले अधिकांश युवकों की मौत आए दिन हो रही है। बावजूद इसके डंकी रूट (Donkey Route) के एजैंटों पर कोई खास कार्रवाई नहीं हो रही है। पंजाब (Punjab) के एक और युवक की मौत डंकी रूट में हो गई है। फिलहाल पुलिस ने दो ट्रेवल एजैंटों को गिरफ्तार किया है।
अमेरिका (US) के टेक्सास (Taxas) से पंजाब (Punjab) के मोहाली (Moahli) के समगोली गांव के 28 वर्षीय हरदीप सिंह का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही एंबुलेंस गांव में दाखिल हुई, माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की नम आंखों के बीच हरदीप का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

डंकी रूट से अमेरिका गया
हरदीप सिंह करीब डेढ़ साल पहले बेहतर भविष्य की उम्मीद में घर से निकला था। वह अवैध तरीके से ‘डंकी’ रूट (Donkey Route) के जरिए भारत से कोलंबिया, फिर पनामा और मैक्सिको के घने जंगलों को पार करते हुए अमेरिका (US) पहुंचा था। इस खतरनाक सफर के दौरान उसे भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि वह करीब आठ महीने मैक्सिको में ही फंसा रहा, जहां हालात बेहद खराब थे। परिवार को उम्मीद थी कि अमेरिका पहुंचने के बाद उसकी जिंदगी पटरी पर आ जाएगी और वह घर की आर्थिक स्थिति सुधार पाएगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
37 लाख रुपए ट्रेवल एजैंट को दिए
हरदीप के विदेश जाने के लिए उसके परिवार ने करीब 37 लाख रुपये खर्च किए थे। यह रकम गांव के ही एजेंटों को दी गई थी, जिन्होंने उसे सुरक्षित अमेरिका पहुंचाने का वादा किया था। लेकिन यह वादा परिवार के लिए भारी पड़ गया। बेटे की मौत के साथ-साथ परिवार कर्ज के बोझ तले भी दब गया है।
गांव के सरपंच जोगिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने दो एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान नितिन सैनी निवासी बरनाला और सुखविंदर सिंह सैनी निवासी भांखरपुर, डेराबस्सी के रूप में हुई है। डेराबस्सी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नितिन सैनी को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत से उसका तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।

हरदीप ने वीडियो में की थी अपील
दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटनाक्रम में सबसे भावुक पहलू वह वीडियो है, जो हरदीप ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले परिवार को भेजा था।
इस वीडियो में वह रोते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, विधायक कुलजीत सिंह रंधावा और मोहाली के जिला पुलिस प्रमुख से मदद की गुहार लगाता नजर आया था। उसने आरोप लगाया था कि एजेंटों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है और उनसे सख्त कार्रवाई की मांग की थी। वीडियो सामने आने के कुछ दिन बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
मौत के कारणों का पता नहीं
परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक अमेरिका से मौत के कारणों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का इंतजार किया जा रहा है। शव को भारत लाने की प्रक्रिया में भी लंबा समय लगा, जिससे परिवार की पीड़ा और बढ़ गई।

हरदीप की मौत ने एक बार फिर पंजाब (Punjab) में बढ़ रहे डंकी रूट के मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेहतर भविष्य और अधिक कमाई की चाह में कई युवा खतरनाक रास्तों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन इन रास्तों में जान का जोखिम हमेशा बना रहता है। सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
परिवार पर दुख का पहाड़
समगोली गांव में हरदीप की चिता की आग बुझ गई, लेकिन परिवार के दिलों में उठता दर्द और सवाल अभी भी बाकी हैं। एक ओर बेटे को खोने का गम है, तो दूसरी ओर न्याय की उम्मीद। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या परिवार को इंसाफ मिल पाता है या नहीं।









