डेली संवाद, चंडीगढ़। Chandigarh News: शहर में इमिग्रेशन कंपनियों द्वारा धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में सेक्टर-17 स्थित तीन अलग-अलग इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में पीड़ितों से कुल 34.39 लाख रुपये ठगे जाने के आरोप हैं। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला रोहतक (Rohtak) निवासी दिनेश मलिक की शिकायत पर दर्ज किया गया है। मलिक ने चंडीगढ़ (Chandigarh) के सेक्टर-17 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सेक्टर-17 (Chandigarh Sector-17) स्थित वाइट हार्स इमिग्रेशन कंपनी (White Horse Immigration Company) के अनुभव गर्ग और अन्य लोगों ने उसे विदेश में वर्क वीजा दिलाने का झांसा दिया।

वर्क वीजा दिलाने के नाम पर ठगी
आरोप है कि कंपनी ने प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर उससे 9.10 लाख रुपये ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी न तो उसका वीजा (VISA) लगा और न ही रकम वापस की गई। जब मलिक ने अपने पैसे मांगे तो उसे टालमटोल जवाब दिए गए। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
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दूसरा मामला भी इसी कंपनी के खिलाफ दर्ज हुआ है। पटियाला (Patiala) निवासी प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि वाइट हार्स इमिग्रेशन कंपनी (White Horse Immigration Company) ने उसे विदेश भेजने का भरोसा देकर 15.90 लाख रुपये वसूल लिए। वीजा न लगने पर कंपनी ने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही रकम लौटाई। पुलिस ने उनकी शिकायत पर भी केस दर्ज कर लिया है।

पार्थ ओवरसीज पर एफआईआऱ
तीसरे मामले में पंचकूला (Panchkula) निवासी अमनदीप कौर ने सेक्टर-17 (Chandigarh Sector-17) स्थित न्यू पार्थ ओवरसीस (New Parth Overseas) के मालिक व डायरेक्टर नरेंद्र सिंह पर 3.39 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार कंपनी ने विदेश में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर पैसे लिए, लेकिन बाद में कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
चौथा मामला सेक्टर-41 (Chandigarh Sector-41) निवासी एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया है। महिला ने रेहल कंसल्टेंट्स (Rehal Consultants) की संचालक मोनिका रेहल, परमजीत सिंह और अन्य के खिलाफ स्टडी वीजा (Study Visa) के नाम पर छह लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वीजा प्रक्रिया पूरी न होने के बावजूद उसकी राशि वापस नहीं की गई।

चारों मामले में एफआईआऱ की गई
चारों मामलों में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और इमिग्रेशन एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश जाने के नाम पर किसी भी कंपनी को बड़ी रकम देने से पहले उसकी वैधता और लाइसेंस की जांच अवश्य करें, ताकि ऐसे मामलों से बचा जा सके।









