डेली संवाद, नई दिल्ली। Punch Monkey: जापान से एक ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया। यह कहानी है Ichikawa City Zoo में जन्मे एक नन्हे जापानी मकाक बंदर ‘पंची-कुन’ (Punch-Kun Monkey) की, जिसने मां के ठुकराने के बाद एक बेजान खिलौने में अपना संसार खोज लिया।
जुलाई 2025 में जब पंच (Punch-Kun Monkey) का जन्म हुआ, तब उसका वजन महज 500 ग्राम था। जन्म के तुरंत बाद ही उसे जीवन की पहली और सबसे बड़ी चोट मिली, उसकी मां ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, कभी-कभी अनुभवहीन या तनावग्रस्त मादा बंदर अपने शावक को अस्वीकार कर देती हैं।
जन्म के बाद मां ने ठुकराया
बंदरों की दुनिया में मां का साथ सिर्फ दूध तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह सुरक्षा, सामाजिक व्यवहार और मानसिक विकास की पहली गुरु होती है। मां की गोद से वंचित पंच (Punch-Kun Monkey) धीरे-धीरे तनाव और भय का शिकार होने लगा। उसकी गतिविधियों में सुस्ती और घबराहट साफ दिखाई देने लगी थी।

पंच (Punch-Kun Monkey) की हालत देखकर चिड़ियाघर के केयरटेकर्स ने उसे भावनात्मक सहारा देने का अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने उसे IKEA का एक ओरंगुटान सॉफ्ट टॉय दिया। जो हुआ, उसने सभी को भावुक कर दिया। पंच ने उस खिलौने को ऐसे गले लगाया मानो उसे अपनी मां मिल गई हो। वह सोते समय, खाते वक्त और यहां तक कि डरने पर भी उस खिलौने से लिपटा रहता।
सोशल मीडिया पर भावनात्मक लहर
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि वह खिलौने को अपनी छाती से कसकर लगाए बैठा है, जैसे कोई बच्चा अपनी मां की गोद में सिमटता है। इंटरनेट यूज़र्स ने इस खिलौने को प्यार से ‘ओरा-मामा’ नाम दे दिया। देखते ही देखते पंच (Punch-Kun Monkey) की कहानी दुनिया भर में फैल गई और लाखों लोगों की आंखें नम हो गईं।
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पंच (Punch-Kun Monkey) के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुए। लोग उसकी मासूमियत और अकेलेपन को देखकर भावुक हो उठे। कई पशु-प्रेमियों ने कमेंट कर लिखा कि यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि भावनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं हैं।

IKEA Japan का मानवीय कदम
कई मनोवैज्ञानिकों और पशु व्यवहार विशेषज्ञों ने भी कहा कि छोटे जानवरों के लिए ‘कम्फर्ट ऑब्जेक्ट’ यानी भावनात्मक सहारा देने वाली वस्तु तनाव कम करने में मदद करती है। पंच (Punch-Kun Monkey) का अपने खिलौने से लगाव इसी का उदाहरण है।
पंच (Punch-Kun Monkey) की कहानी जब जापान में चर्चा का विषय बनी, तो IKEA Japan की अध्यक्ष स्वयं चिड़ियाघर पहुंचीं। उन्होंने पंच के लिए कई नए सॉफ्ट टॉय दान किए ताकि उसके पास अतिरिक्त सहारा मौजूद रहे। यह कदम न केवल मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक बना, बल्कि यह भी दिखाया कि कॉर्पोरेट संस्थाएं भी पशु कल्याण के प्रति जागरूक हो सकती हैं।
भावुक करने वाली बंदर की कहानी, देखें
चुनौतियों के सामाजिक जीवन
हालांकि ‘ओरा-मामा’ ने पंच (Punch-Kun Monkey) को शुरुआती भावनात्मक सहारा दिया, लेकिन चिड़ियाघर प्रशासन का उद्देश्य उसे उसकी प्रजाति के अन्य बंदरों के साथ सामान्य जीवन जीने के लिए तैयार करना था। जनवरी 2026 से पंच को धीरे-धीरे अन्य बंदरों के समूह के संपर्क में लाया जाने लगा। शुरुआत में वह घबराया रहता था। जब भी कोई बड़ा बंदर उसे डराता, वह भागकर अपने खिलौने के पास चला जाता।
लेकिन समय के साथ हालात बदलने लगे। हाल ही में एक बड़े बंदर को पंच (Punch-Kun Monkey) के बाल संवारते देखा गया — जो बंदरों के समाज में अपनाए जाने और स्नेह का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। ताजा जानकारी के अनुसार, पंच अब पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वासी और सामाजिक हो गया है। वह अन्य बंदरों के साथ खेलने और समय बिताने लगा है।

इटरनेट पर वीडियो वायरल
हालांकि ‘ओरा-मामा’ अभी भी उसके जीवन का हिस्सा है, लेकिन अब वह पूरी तरह उस पर निर्भर नहीं है। पंच (Punch-Kun Monkey) की कहानी सिर्फ एक बंदर की कहानी नहीं, बल्कि यह उस अटूट भावनात्मक जुड़ाव की कहानी है जो हर जीव के भीतर होता है। यह हमें सिखाती है कि प्रेम और सहारा किसी भी रूप में मिले, वह जीवन को संवार सकता है।
एक बेजान खिलौने से शुरू हुआ यह सफर अब पंच (Punch-Kun Monkey) को उसकी असली दुनिया की ओर ले जा रहा है — जहां वह अपने जैसे साथियों के बीच, आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है। यह वीडियो इस समय में इंटरनेट में सबसे तेजी के साथ वायरल हो रहा है।









