डेली संवाद, गुरदासपुर। Punjab News: पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद नजदीक स्थित आदियां पुलिस चौकी में तैनात दो पुलिसकर्मियों की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों की पहचान ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार के रूप में हुई है। दोनों के शव रविवार सुबह चौकी के अंदर अलग-अलग स्थानों पर मिले।
प्रारंभिक जांच में इसे हत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस (Police) सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है। यह चौकी अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी गई है और सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भी अलर्ट पर रखा गया है। बीएसएफ के डीआईजी एके विरदी ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।

सुबह ऐसे चला घटना का पता
घटना का खुलासा तब हुआ जब आदियां गांव के सरपंच कमलजीत सिंह को सुबह करीब 8 बजे थाना प्रभारी (एसएचओ) बनारसी दास का फोन आया। एसएचओ ने बताया कि वह काफी देर से चौकी पर फोन कर रहे हैं, लेकिन कोई कॉल रिसीव नहीं कर रहा। उन्होंने सरपंच से कहा कि यदि वह पास में हों तो जाकर देखें कि चौकी पर तैनात कर्मचारी मौजूद हैं या नहीं और फोन क्यों नहीं उठा रहे।
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सरपंच कमलजीत सिंह सुबह करीब 8:15 बजे पुलिस चौकी पहुंचे। अंदर जाने पर उन्होंने देखा कि एएसआई गुरनाम सिंह कुर्सी पर बैठे हुए थे, उनके दोनों हाथ जेब में थे और सामने कार्बाइन रखी हुई थी। पहली नजर में ऐसा लगा मानो वह बैठे-बैठे सो गए हों। सरपंच ने दूर से आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पास जाकर देखने पर उनके कान से खून बहता दिखाई दिया। तब स्पष्ट हुआ कि उनकी गोली लगने से मौत हो चुकी है।
रात करीब एक बजे वारदात की आशंका
इसके बाद सरपंच ने चौकी में मौजूद होमगार्ड जवान अशोक कुमार को ढूंढा। वह पास ही चारपाई पर रजाई ओढ़े लेटे हुए मिले। जब उन्हें जगाने की कोशिश की गई तो पता चला कि उनके सिर में भी गोली लगी हुई है। मौके पर 2 से 4 खोखे भी पड़े मिले। सरपंच ने तुरंत इसकी सूचना एसएचओ को दी, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार घटना देर रात करीब एक बजे के आसपास हुई हो सकती है।
सर्दियों के कारण आसपास के लोग घरों में सो रहे थे, इसलिए किसी ने गोलियों की आवाज स्पष्ट रूप से नहीं सुनी। चौकी की बनावट भी ऐसी है कि आवाज बाहर तक कम पहुंचती है। फोरेंसिक टीमों को मौके से कई अहम सुराग जुटाने की कोशिश में लगाया गया है। शुरुआती जांच में 4 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि करीब 6 राउंड तक फायरिंग हुई हो सकती है, हालांकि सटीक संख्या की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

पहले ASI, फिर होमगार्ड को मारा गया?
इंटेलिजेंस, सीआईडी और गुरदासपुर पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह संभावना जताई जा रही है कि हमलावर पहले चौकी में घुसे और कुर्सी पर ड्यूटी कर रहे एएसआई गुरनाम सिंह को निशाना बनाया। वह उस समय हीटर सेक रहे थे और उनकी कार्बाइन पास ही रखी थी। आशंका है कि या तो वह हल्की नींद में थे या हमलावरों ने बहुत नजदीक से उनके सिर में गोली मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोली चलने की आवाज से होमगार्ड जवान अशोक कुमार जाग गए होंगे, लेकिन इससे पहले कि वह कोई प्रतिक्रिया दे पाते, हमलावरों ने उन्हें भी निशाना बना लिया। उनके सिर और छाती में गोली लगने की बात सामने आई है। जिस तरह दोनों के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों को अलग-अलग समय और स्थान पर निशाना बनाया गया।
आत्महत्या या आपसी फायरिंग की संभावना खारिज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चूंकि दोनों के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले हैं, इसलिए आमने-सामने गोलीबारी की संभावना कम हो जाती है। एक एंगल यह भी देखा गया कि कहीं एएसआई ने पहले होमगार्ड को गोली मारकर खुद आत्महत्या तो नहीं कर ली, लेकिन जांच में पाया गया कि एएसआई की कार्बाइन में गोलियां पूरी थीं।
इससे यह संभावना भी लगभग खारिज हो गई है। इस आधार पर फिलहाल इसे हत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

चौकी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जिस चौकी में यह घटना हुई, वह पूर्ण विकसित पुलिस स्टेशन नहीं बल्कि एक तरह की पुलिस पोस्ट है। यहां केवल एक कमरा है और आराम करने वाले हिस्से में दरवाजे तक नहीं हैं, बल्कि पॉलिथीन का पर्दा लगाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद साधारण व्यवस्था है।
यदि यह सुनियोजित हत्या है, तो आशंका है कि हमलावरों ने पहले से रेकी की होगी और उन्हें यह जानकारी रही होगी कि चौकी पर केवल दो ही कर्मचारी तैनात रहते हैं। ऐसी स्थिति में चौकी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आतंकी हमले की आशंका पर जांच
चूंकि यह चौकी पाकिस्तान सीमा से काफी नजदीक है, इसलिए शुरुआती दौर में इस घटना को आतंकी हमले से जोड़कर भी देखा गया। इसी कारण बीएसएफ के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि यह आतंकी हमला होता तो हमलावर पुलिस का हथियार भी अपने साथ ले जा सकते थे।
लेकिन एएसआई की कार्बाइन मौके पर ही मिली है। अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है और पुलिस भी फिलहाल आतंकी एंगल को प्रमुख संभावना के रूप में नहीं देख रही।
गैंगस्टर एंगल पर भी नजर
पुलिस गैंगस्टर एंगल से भी जांच कर रही है। हाल के दिनों में पंजाब में कुछ आपराधिक गिरोहों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ों के आरोप लगाए थे और सोशल मीडिया पर धमकियां भी दी थीं। कुछ मामलों में गैंगस्टरों ने सरपंचों और अन्य लोगों की हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी।
ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी गिरोह ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया हो।हालांकि अभी तक किसी गिरोह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है और पुलिस भी इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ कहने से बच रही है।
एसएसपी ने क्या कहा
गुरदासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आदित्य ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। दोनों पुलिसकर्मी इंडियन रिजर्व बटालियन के थे और उसी चौकी में तैनात थे। उन्होंने कहा कि दोनों की ऑन ड्यूटी गोली लगने से मौत हुई है।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और तकनीकी व फोरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं। हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

परिवार में मातम
एएसआई गुरनाम सिंह दीनानगर क्षेत्र के गांव गादरी के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। उनकी एक बेटी करीब दो महीने पहले ही विदेश गई है, जबकि दूसरी बेटी और बेटा यहीं पढ़ाई कर रहे हैं। पत्नी गृहिणी हैं।
घटना की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। होमगार्ड जवान अशोक कुमार के परिवार में भी इस घटना से गहरा दुख है। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।









