डेली संवाद, लुधियाना। CT University Ludhiana Punjab News: पंजाब में सीटी यूनिवर्सिटी (CT University) एक बार फिर से विवादों घिर गई है। पंजाब के लुधियाना स्थित सीटी यूनिवर्सिटी (CT University) में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों ने सहरी और इफ्तारी में भोजन न मिलने के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि सीटी यूनिवर्सिटी (CT University) के वाइस चांसलर ने उन्हें गालियां दीं और एडमिशन रद्द करने की धमकी दी। हालांकि विवाद बढ़ते ही वाइस चांसलर को टर्मिनेट कर दिया गया।
सीटी यूनिवर्सिटी (CT University) के छात्रों का कहना है कि मोहर्रम/रमज़ान के पवित्र महीने में रोज़ा रखने के बावजूद उन्हें मेस में न तो सहरी के समय उचित भोजन मिल रहा है और न ही इफ्तार के समय। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन ने उनकी मांगों को अनदेखा किया, जिससे नाराज होकर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

वाइस चांसलर ने दुर्व्यवहार किया
छात्रों के अनुसार, जब वे अपनी समस्या लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन (CT University) के पास पहुंचे तो समाधान करने के बजाय वाइस चांसलर ने कथित रूप से उनके साथ दुर्व्यवहार किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि वाइस चांसलर ने उन्हें गालियां दीं और एडमिशन रद्द कर यूनिवर्सिटी से बाहर निकल जाने की बात कही। इस कथित व्यवहार से आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में नारेबाजी की और सुबह यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर धरना देकर बैठ गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ छात्र यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वे मुस्लिम छात्र हैं और रमज़ान के महीने में रोज़ा रख रहे हैं, लेकिन मेस में सहरी और इफ्तार के समय उन्हें भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। वीडियो में वाइस चांसलर पर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने और एडमिशन रद्द करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन (CT University) ने वीसी को टर्मिनेट कर दिया।
Dear @BhagwantMann ji do you endorse the Vice Chancellor of CT University Punjab abusing & bullying Kashmiri Muslim students only because they requested food for Iftari & Sehri since it’s Ramzan? Shocked that assaulting Kashmiris has been normalised even in a state like Punjab.… https://t.co/CfmMSSs7Uh
— Iltija Mufti (@IltijaMufti_) February 24, 2026
इल्तिजा मुफ्ती ने वीडियो शेयर की
मामले ने तूल तब पकड़ा जब जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Singh Mann) टैग करते हुए सवाल उठाया कि क्या रमज़ान में भोजन की मांग करना गलत है और क्या कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य है। उन्होंने वाइस चांसलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन हरकत में आया। भारी संख्या में पुलिस बल यूनिवर्सिटी परिसर में तैनात किया गया। अंकुर गुप्ता और एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़ मौके पर पहुंचे और छात्रों व प्रबंधन के साथ बातचीत की। थाना सदर के प्रभारी ने बताया कि यूनिवर्सिटी में जम्मू-कश्मीर से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। रमज़ान के दौरान रोज़ेदार छात्रों के लिए सहरी और इफ्तार की व्यवस्था होना आवश्यक है। पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित करने का प्रयास किया।

डॉ. नितिन टंडन पद से टर्मिनेट
इस बीच, शहर के शाही इमाम मोहम्मद उस्मान भी यूनिवर्सिटी (CT University) पहुंचे। उन्होंने पहले छात्रों की समस्याएं सुनीं और फिर प्रबंधन के साथ बैठक की। तीन दौर की बातचीत के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन (CT University) ने बड़ा फैसला लेते हुए वाइस चांसलर डॉ. नितिन टंडन को पद से टर्मिनेट करने की घोषणा कर दी।
यूनिवर्सिटी (CT University) के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. नितिन टंडन की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही एसडीएम जगराओं की अगुवाई में एक जांच कमेटी गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के साथ भेदभाव या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों ने कैंपस में नारेबाजी की
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी धार्मिक आवश्यकताओं के अनुरूप भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराना था। वे किसी तरह का टकराव नहीं चाहते थे, लेकिन जब बार-बार शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कैंपस में नारेबाजी की और प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कैंपस में शांति बनी हुई है। छात्रों और प्रबंधन के बीच वार्ता जारी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर देशभर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे बाहरी राज्यों के छात्रों की सुरक्षा और संवेदनशीलता के मुद्दे को सामने ला दिया है।







