डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब में जल्द ही एक स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति होने वाली है, जिसके लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पंजाब सरकार से नामों का एक पैनल मांगा है।
10 दिन का दिया समय
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेशों का पालन करते हुए आयोग ने पंजाब सरकार को 10 दिनों के भीतर पैनल के सदस्यों के नाम भेजने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ राज्यों में कार्यवाहक डीजीपी रखने की प्रथा की निंदा की थी और यूपीएससी को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

बता दे कि पंजाब कैडर के 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी गौरव यादव को जुलाई 2022 में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा कार्यवाहक डीजीपी के रूप में नियुक्त किया गया था। वह अब तीन साल और सात महीने से अधिक समय से इस पद पर हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने करीब 20 दिन पहले राज्यों में कार्यकारी DGP नियुक्त करने की प्रथा पर सवाल खड़े किए थे। कोर्ट ने कहा कि यह तरीका योग्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को डीजीपी पद के लिए विचार से वंचित करता है।
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें प्रकाश सिंह मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समय पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को डीजीपी चयन के लिए नाम नहीं भेजतीं। इसके बजाय कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर देती हैं। कोर्ट ने UPSC को कहा कि यदि कोई राज्य ऐसा करने में विफल रहता है तो UPSC सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है।








