डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जालंधर सेंट्रल हल्का प्रभारी नितिन कोहली (Nitin Kohli) ने दिल्ली की राउज़ एवेन्यू अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में बरी किए जाने के फैसले को ऐतिहासिक और देशहित में अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
नितिन कोहली (Nitin Kohli) ने कहा कि यह केवल एक कानूनी राहत नहीं, बल्कि सत्य, ईमानदारी और जनसेवा की राजनीति की बड़ी विजय है। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ऐसे नेता हैं जिन्होंने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा का संकल्प माना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पारदर्शी प्रशासन और आम नागरिक को केंद्र में रखकर नीतियां बनाना उनकी कार्यशैली की पहचान रही है।
सत्य को दबाया नहीं जा सकता
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और निरंतर आरोपों के बावजूद दोनों नेताओं ने धैर्य, संयम और कानून पर विश्वास बनाए रखा। अदालत के इस निर्णय ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे और सत्य को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। नितिन कोहली ने आगे कहा कि आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में मजबूती से लड़ेगी और पुनः सरकार बनाएगी।
यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब की जनता विकास और जनकल्याण के कार्यों पर मुहर लगाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत सराहनीय कार्य कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान और जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से राज्य में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
नितिन कोहली ने कहा कि देश और प्रदेश को ईमानदार, दूरदर्शी और जनसेवा के प्रति समर्पित नेतृत्व की आवश्यकता है। यह निर्णय उन करोड़ों लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत करता है, जो स्वच्छ, जवाबदेह और जनहित की राजनीति में आस्था रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और भगवंत मान के नेतृत्व में जनसेवा और विकास की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहेगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और सुदृढ़ करेगी।









