डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज यहां कहा कि पंजाब सरकार राज्य को निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में ऊनी और फैंसी धागों की अग्रणी निर्माता कंपनी गंगा एक्रोवूल्स लिमिटेड ने पंजाब में अपने कारोबार के विस्तार की घोषणा की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) ने बताया कि कंपनी 60 से अधिक देशों को अपने उत्पाद निर्यात करती है और वर्तमान में इसमें 5600 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का वार्षिक टर्नओवर लगभग 850 करोड़ रुपये है। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले 4–5 वर्षों में कंपनी ने 3000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है और वर्ष 1998 से हर औद्योगिक नीति के तहत पंजाब में निरंतर निवेश करती आ रही है। उन्होंने कहा कि ताज़ा निवेश के माध्यम से कंपनी 1500 से अधिक नए रोजगार अवसर भी सृजित करेगी।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
नए प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कंपनी अब पंजाब में 690 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है, जिसमें से 53 करोड़ रुपये पराली-आधारित बॉयलर और टरबाइन की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे। इससे प्रतिवर्ष लगभग 1,20,000 टन पराली (10,000 टन प्रति माह) की खपत होगी, जिससे लगभग 20–25 किलोमीटर के दायरे में आने वाले खेतों को पराली जलाने की समस्या से राहत मिलेगी।
कंपनी के अध्यक्ष अमित थापर ने बताया कि पिछले निवेशक सम्मेलन में 301 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य में अनुकूल औद्योगिक माहौल, कारोबार की सुगमता को बढ़ावा देने वाली नीतियों और लागत में कमी के कारण निवेश राशि को संशोधित कर 690 करोड़ रुपये किया गया और अब इसे बढ़ाकर लगभग 750 करोड़ रुपये किया जा रहा है। इसमें से 400 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही किया जा चुका है और शेष निवेश अगले 24 महीनों में किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि विस्तार के बाद कंपनी बुनाई, कालीन और तकनीकी टेक्सटाइल के विभिन्न सेगमेंट्स के लिए धागों का निर्माण करेगी। यह विस्तार उच्च-मूल्य टेक्सटाइल निर्माण और निर्यात में पंजाब की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा। इस परियोजना से अतिरिक्त रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय मूल्य श्रृंखला, एमएसएमई इकाइयों और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।








