डेली संवाद, जालंधर/मंडी गोबिंदगढ़/लखनऊ/नई दिल्ली। GST Bogus Billing Scam: पंजाब-हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत 19 राज्यों में फैले जीएसटी चोरी के एक बड़े अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश हुआ है। इसके तार पंजाब के जालंधर, लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ समेत हिमाचल प्रदेश से जुड़े हैं। मामले का पर्दाफाश उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हुआ। आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीतापुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
जानकारी के मुताबिक जीएसटी (GST) चोरी करने के लिए पंजाब (Punjab) समेत 19 राज्यों में 1221 फर्जी फर्में बनाई गई। सीतापुर की स्वाट टीम और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जीएसटी (GST) चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह देश के कई राज्यों में फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
चार लोग गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, सीओ सिटी विनायक भोसले के नेतृत्व में थाना कोतवाली नगर पुलिस और सर्विलांस/स्वाट टीम को काफी समय से इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसी आधार पर पुलिस टीम ने जांच और निगरानी बढ़ाई। शनिवार को पुलिस ने आरएमपी स्कूल के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में गैंग का सरगना सोना उर्फ आशीष, कुलदीप सिंह और विवेक कुमार शामिल हैं, जो सभी आगरा जनपद के निवासी बताए गए हैं। इनके अलावा एक अन्य आरोपी सूरज रावत, निवासी अल्मोड़ा (उत्तराखंड) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह संगठित तरीके से अलग-अलग राज्यों में फर्जी कंपनियां बनाकर जीएसटी (GST) प्रणाली का दुरुपयोग कर रहा था।
बड़े नेटवर्क का खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 2.30 लाख रुपये नकद, तीन लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, छह एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, चेकबुक और पासबुक बरामद की है। इसके अलावा सोने की दो अंगूठियां, एक चेन तथा बिना नंबर प्लेट की एक महिंद्रा कार भी पुलिस ने जब्त की है। पुलिस का मानना है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों से गिरोह के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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सीओ सिटी विनायक भोसले ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गिरोह पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, सहित करीब 19 राज्यों में सक्रिय था। आरोपियों ने इन राज्यों में बड़ी संख्या में फर्जी फर्म बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत फायदा उठाते हुए करोड़ों रुपये की जीएसटी (GST) चोरी की।
1221 बोगस फर्मों का खुलासा
पुलिस जांच में अब तक करीब 1221 बोगस फर्मों का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य भोले-भाले और बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे। बाद में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से फर्जी फर्म खोलकर जीएसटी (GST) पंजीकरण करा लिया जाता था। इसके बाद फर्जी बिलिंग और आईटीसी के जरिए टैक्स चोरी की जाती थी।

पुलिस के मुताबिक इसी गिरोह ने सीतापुर में भी पूजा सिंह के नाम से पीएस ट्रेडर्स नामक एक फर्जी फर्म बनाई थी। इस फर्म के जरिए भी जीएसटी से संबंधित अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस फर्म के माध्यम से कितने रुपये का लेनदेन किया गया और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही।
पंजाब में हो सकती है छापेमारी
थाना कोतवाली नगर में इस मामले में मुकदमा संख्या 203/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सीओ सिटी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही अन्य राज्यों की पुलिस और जीएसटी विभाग से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर बड़े स्तर पर हो रही टैक्स चोरी को रोका जा सके।
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि पंजाब (Punjab) और हिमाचल (Himachal) में कई बड़े कारोबारियों के तार इससे जुड़े हैं। पिछले दिनों से जालंधर-लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ में जीएसटी छापे के बाद पंजाब के कारोबारी रडार पर हैं। सीतापुर पुलिस ने सैंट्रल जीएसटी (GST) से पंजाब में हुए छापे के बारे में जानकारी मांगी है। जिससे आने वाले दिनों में जालंधर, लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ में पुलिस दस्तक दे सकती है।








