डेली संवाद, चंडीगढ़। Chandigarh Government Job: युवाओं के लिए अच्छी खबर है। नगर निगम में लंबे समय बाद स्थायी पदों पर बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। नगर निगम ने करीब 270 स्थायी पदों को भरने के लिए यूटी प्रशासन से मंजूरी मांगी है। प्रशासन से हरी झंडी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
चंडीगढ़ नगर निगम (Chandigarh Municipal Corporation) के विभिन्न विभागों में स्थायी कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। वर्तमान में निगम के करीब 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। लंबे समय से नियमित भर्ती न होने के कारण विभागों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। ऐसे में निगम प्रशासन अब इन पदों को भरने की तैयारी में जुट गया है।
5611 पदों पर होगी भर्ती
नगर निगम Chandigarh Municipal Corporation के आंकड़ों के अनुसार कुल 5611 स्वीकृत स्थायी पदों में से लगभग 3767 पद लंबे समय से खाली हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण निगम को आउटसोर्स कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ा। पिछले कुछ वर्षों में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। स्थिति यह हो गई कि कई मामलों में आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी स्थायी कर्मचारियों से भी अधिक होने लगी।
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इसी कारण पिछले वर्ष कई विभागों से बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया भी गया था। फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज विभाग से ही करीब 102 फायर कर्मियों और ड्राइवरों को बाहर कर दिया गया था। हालांकि इसके बाद विभाग में स्टाफ की भारी कमी हो गई, जिसका असर अब तक देखने को मिल रहा है।
फायर टेंडर ड्राइवरों की कमी
फायर विभाग की स्थिति यह है कि कई फायर टेंडर ड्राइवरों की कमी के कारण समय पर फायर स्टेशन से निकल ही नहीं पाते। कई बार आग लगने की घटनाओं के दौरान दूसरे स्टेशनों से फायर टेंडर मंगवाने पड़ते हैं। ऐसे में विभाग में स्थायी फायर फाइटर और ड्राइवरों की भर्ती बेहद जरूरी मानी जा रही है।
फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज विभाग में कुल 602 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 140 पद लंबे समय से खाली हैं। वर्तमान में केवल 462 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें सबसे अधिक कमी फील्ड स्टाफ की है, जिन्हें आग लगने की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य करना होता है।
फायरमैन के 83 पद रिक्त
विभाग में ड्राइवर के 37 पद और फायरमैन के 83 पद रिक्त हैं। इसके अलावा ग्रुप-सी के कुल 578 पदों में से 132 पद खाली पड़े हैं। विभाग के अधिकारियों ने कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर स्टाफ की कमी की जानकारी दी थी। इसके बाद अब नगर निगम ने इन पदों को भरने के लिए यूटी प्रशासन से औपचारिक मंजूरी मांगी है।
फायर विभाग में स्टाफ का एक निश्चित अनुपात तय है। नियमों के अनुसार 24 घंटे की ड्यूटी और रोटेशन सिस्टम को देखते हुए एक फायर टेंडर पर कम से कम पांच ड्राइवर होने चाहिए। वहीं प्रत्येक फायर स्टेशन पर औसतन तीन से चार फायर टेंडर तैनात रहते हैं, लेकिन कई स्टेशनों पर ड्राइवरों की संख्या केवल पांच या छह ही है।
बाहरी एजेंसी के माध्यम से होगी भर्ती
इसी तरह दो फायर गाड़ियों के लिए कम से कम नौ फायर फाइटर और तीन गाड़ियों के लिए 15 फायर फाइटर होना जरूरी माना जाता है। फिलहाल कई स्टेशनों पर यह अनुपात पूरा नहीं हो पा रहा है। नगर निगम की ओर से प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया को एक बाहरी एजेंसी के माध्यम से पूरा कराया जाएगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंस (यूआईएएमएस) को रिक्रूटमेंट एजेंसी के रूप में यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। भर्ती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया जैसे आवेदन जारी करना, फार्म जमा करना, लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और चयन की प्रक्रिया यही एजेंसी पूरी करेगी। नगर निगम की इस चयन प्रक्रिया में कोई सीधी भूमिका नहीं होगी।
इन पदों पर होगी भर्ती
- क्लर्क 118 (लेवल-सी) एडमिनिस्ट्रेटिव
- फायरमैन 79 (लेवल-सी) इमरजेंसी सर्विस
- ड्राइवर 33 (लेवल-सी) लाजिस्टिक्स
- जूनियर इंजीनियर 20 (लेवल-बी)पब्लिक हेल्थ सिविल इलेक्ट्रिकल
- सब इंसपेक्टर 05 (लेवल-बी) एंफोर्समेंट
- ड्राफ्टसमैन 04 (लेवल-बी-सी) इंजीनियरिंग
- सब डिविजनल इंजीनियर्स 03 लेवल-ए हार्टिकल्चर, बीएंडआर








