डेली संवाद, नई दिल्ली। US Embassy Attack Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों और राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट (US State Department) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) में मौजूद डिप्लोमैट्स और अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।
अमेरिकी (USA) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला हाल के दिनों में अमेरिकी दूतावासों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद लिया गया है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले स्टेट डिपार्टमेंट ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वेच्छा से देश छोड़ने की अनुमति दी थी।
ड्रोन हमलों से अमेरिका चिंतित
लेकिन क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए अब इसे अनिवार्य आदेश में बदल दिया गया है। हालांकि, स्टेट डिपार्टमेंट ने अभी तक इस “ऑर्डर किए गए डिपार्चर” की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले आठ दिनों के दौरान ईरान से जुड़े ड्रोन हमलों ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है।
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इन हमलों में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास परिसर पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके कारण परिसर के एक हिस्से में आग लग गई। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और नुकसान भी सीमित रहा।
दुबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमला
इसी तरह 3 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास भी ड्रोन हमला किया गया। ड्रोन ने कॉन्सुलेट बिल्डिंग के नजदीक बने एक पार्किंग क्षेत्र को निशाना बनाया, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
इन घटनाओं के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि भविष्य में मिडिल ईस्ट के अन्य देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों, उनके कर्मचारियों और राजनयिकों को भी निशाना बनाया जा सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों और ठिकानों के खिलाफ बड़े जवाबी हमले की तैयारी कर सकता है।
राजनयिकों की सुरक्षा
मिडिल ईस्ट में पहले से ही कई भू-राजनीतिक तनाव मौजूद हैं और हालिया घटनाओं ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। अमेरिका अपने नागरिकों और राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और कूटनीतिक गतिविधियों पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।








