डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के श्रम मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा सुधार करते हुए प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, जिसके तहत अर्जियों के निपटारे का समय 165 दिनों से घटाकर केवल 62 दिन कर दिया गया है।
इस कदम से पंजाब (Punjab) बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से लाभार्थियों को मिलने वाले लाभों में बड़ा इज़ाफ़ा हुआ है और 1 अप्रैल 2025 से अब तक 45,578 श्रमिकों को 146.77 करोड़ रुपये के लाभ दिए गए हैं, जो पिछली सरकार के अंतिम वर्ष के दौरान 4,977 श्रमिकों को दिए गए 14.73 करोड़ रुपये से लगभग 10 गुना अधिक हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े स्वयं दोनों सरकारों की कार्यशैली और प्रतिबद्धता के अंतर को दर्शाते हैं। पंजाब विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि जनकल्याण की कई पहलों के साथ-साथ मान सरकार ने पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के कामकाज को और अधिक सुचारु बनाया है ताकि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को समय पर वित्तीय सहायता के रूप में उनका अधिकार मिल सके।
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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस समय सीमा को और घटाकर केवल 45 दिन करने के लिए भी प्रयासरत है। सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि कल्याणकारी योजनाओं के लाभ राज्य के हर वास्तविक हकदार और जरूरतमंद व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से बिना किसी परेशानी के निर्धारित समय में पहुंच सकें।
बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताते हुए श्रम मंत्री ने कहा कि पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड निर्माण मजदूरों और उनके परिवारों के कल्याण तथा सामाजिक सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रहा है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
इनमें बालड़ी तोहफा (अधिकतम दो बेटियों के लिए), एक्स-ग्रेशिया लाइफ कवर, अंतिम संस्कार के लिए वित्तीय सहायता, लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए जनरल सर्जरी सहायता, एलटीसी लाभ, मातृत्व लाभ (अधिकतम दो जीवित बच्चों के लिए), मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण या विशेष योग्यता वाले बच्चों के लिए लाभ, बीमारियों के दौरान श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए सहायता, 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन सहित पारिवारिक/ विधवा पेंशन, बेटियों के विवाह के लिए शगुन योजना तथा मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति शामिल हैं।








