डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab: पंजाब में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए देने की योजना पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा विवादों में घिर गए हैं। उनके बयान पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक ओर जहां विधानसभा के अंदर इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ, वहीं दूसरी ओर पंजाब राज्य महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए खैहरा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को तलब कर लिया है।
दरअसल, खैहरा (Sukhpal Singh Khaira) ने सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी साझा की थी जिसमें महिलाओं को 1000 रुपए मिलने की योजना पर तंज कसते हुए कहा गया था कि “1000 रुपए के लिए गिद्दा करने वाली महिलाएं आखिर सूरमे कहां से पैदा करेंगी।” यह टिप्पणी सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और महिला संगठनों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पहले बजट सत्र में हुआ हंगामा
मंगलवार को पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में खैहरा की पोस्ट का जिक्र करते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। चीमा ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस इस टिप्पणी के लिए माफी मांगेगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के अमीर परिवार में जन्म लेने का मतलब यह नहीं कि वह गरीब महिलाओं का अपमान करे।
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सदन में इस मुद्दे पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा की पोस्ट पर खेद जताया। वहीं आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत कौर मान ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की महिलाओं का मजाक उड़ाना गलत है और इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाया जाएगा। बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा स्पीकर को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

महिला आयोग ने नोटिस में क्या लिखा
इधर, पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि वायरल वीडियो के जरिए यह मामला उनके संज्ञान में आया है जिसमें कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। आयोग ने “पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001” की धारा 12 के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
आयोग ने एसएसपी कपूरथला से कहा है कि इस मामले की जांच एसपी स्तर के अधिकारी से कराई जाए और इसकी स्टेटस रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए। साथ ही सुखपाल खैहरा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे मोहाली स्थित महिला आयोग के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।\
राजनीति में गर्मा गया
विवाद बढ़ने के बाद सुखपाल खैहरा ने सफाई देते हुए कहा कि यह टिप्पणी उन्होंने नहीं बल्कि एक यूट्यूबर ने की थी। खैहरा के मुताबिक, उन्होंने केवल उस पोस्ट को शेयर किया था। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में विधानसभा में अपना पक्ष रखेंगे। खैहरा ने कहा कि उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई करनी है, की जाए, लेकिन उन्होंने खुद इस तरह की टिप्पणी नहीं की।
फिलहाल यह मामला पंजाब की राजनीति में गर्मा गया है और आने वाले दिनों में इस पर और भी राजनीतिक बयानबाजी होने की संभावना है। महिला आयोग की सुनवाई और विधानसभा में होने वाली चर्चा के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस विवाद का आगे क्या रुख रहता है।








